चाय से जुड़े अफसाने, चाय दिवस के बहाने
चाय हमारे हिन्दुस्तानी समाज में कुछ इस तरह रच-बस चुकी है कि वह अब केवल राष्ट्रीय पेय ही नहीं रहा, बल्कि चाय के बहाने बड़े बड़े काम चुटकियों में हल करने का जरिया भी है. बाजार से लेकर दफ्तर तक... Read more
चरैवेति चरैवेति के संदेश से अभिप्रेरित था ‘प्रताप भैया’ का व्यक्तित्व: पुण्यतिथि विशेष
वर्ष 1975 के जनवरी माह की कोई तारीख रही होगी, सही से याद नहीं, लेकिन इतना अवश्य याद है कि वह शनिवार का दिन था. जाहिर है कि प्रताप भैया हर रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण पर निकल जाया कर... Read more
ऐड़ी: ऊंचे शिखरों पर रहने वाले लोक देवता
गांव में यह परम्परा थी कि जब भी गाय ब्याती (प्रसव) तो 22 दिन पूरे होने पर उस गाय का दूघ ऐड़ी देवता के मन्दिर में अर्पित किया जाता. 22 दिन से पूर्व का दूध ऐड़ी देवता को चढ़ाने के लिए अशुद्ध म... Read more
पाइन्स तब हमारे लिए ‘पेनल्टी प्वाइन्ट’ हुआ करता
पर्यटक देशी हो अथवा विदेशी अथवा सूदूर पहाड़ों के गंवई हों, नैनीताल को एक बार देखने की चाहत सभी में रहती है. हो भी क्यों न, छोटी विलायत जो ठहरा नैनीताल. नैनीताल की सुषमा अपनी जगह है, जो कुदरत... Read more
जिक्र भवाली चौराहे का आता है, तो कई यादें दिलो-दिमाग पर तैरने लगती हैं. भवाली का इतिहास, आजादी के पूर्व स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका, स्वातंत्रोत्तर भारत में इसके विकास की दशा एवं दिशा... Read more
रानीखेत रोड से बाजार की तरफ बढ़ने पर बाईं ओर एमईएस परिसर की तरफ पक्के पैराफिट से लगे कई कच्चे फड़ थे, जिसमें एक चाय की दुकान कोई वयोवृद्ध व्यक्ति की हुआ करती थी. चौगर्खा पट्टी के होने से लोग... Read more
लछुली की ईजा – भुवन चन्द्र पन्त की कहानी
प्रायः सुनसान सा रहने वाला लछुली की ईजा का घर-आंगन, आज एकाएक गांव के लोगों से खचाखच भरा था. यह भीड़ किसी उत्सव की न होकर उन लोगों की थी जो लछुली की ईजा को अन्तिम विदाई देने पहुंच रहे थे. बेट... Read more
पिछली सदी के साठ का दशक वह दौर था, जब शिक्षा का मतलब केवल शिक्षा होता था, शिक्षित होकर ओहदा पाने का सपना हमें कम ही दिखाया जाता था. अधिकांश अनपढ़ अथवा साक्षर अभिभावकों को न करियर काउन्सिलिं... Read more
पिज्जा, बर्गर और फास्ट फूड के इस दौर में यदि उत्तराखण्ड के परम्परागत व्यंजनों की बात करें तो आधुनिक पीढ़ी को ताज्जुब नहीं होना चाहिये कि उस दौर में रिश्तेदारी में जाने के लिए भी ये ही पकवान... Read more
नैनीताल में शेरवानी लौज के पन दा की कड़क चाय
नैनीताल में शेरवानी लौज के पन दा की चाय जिसने एक बार पी ली तो समझो वह उस चाय का मुरीद हो गया. मूल रूप से दौलाघट के रहने वाले पनदा का हंसमुख स्वभाव ही ऐसा था कि जिससे दो-चार बातें हुई, उनसे... Read more
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