बहुत कुछ घुमड़ रहा था उसकी आँखों में
बहुत कुछ घुमड़ रहा था उसकी आँखों में. आँखों में देखकर बातें नहीं कर रहा था वो. सामने मेज पर पर एल आई सी का टेबल कैलेण्डर था. उसकी तरफ शायद जून था. जून का एक चित्र था. चित्र में एक परिवार था.... Read more
ठेठ गढ़वाल के जीवन से जुड़ी चीज़ों को समझने के लिए एक तरह का रोचक शब्दकोश है ‘काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि’
बचपन में नए साल के ग्रीटिंग कार्ड बनाने के दौरान एक युक्ति सीखी थी. रंग में डुबाया हुआ धागा लेकर (रंग के नाम पर अमूमन हमारे पास स्याही ही होती) सादे कागज़ पर हौले से अगड़म-बगड़म आकार में रख... Read more
कोरोना के इन दिनों एक छोटा सा प्रयोग
खब्बू बल्लेबाजों ने दुनिया के सुंदरतम कोणों पर एक चांद लगाया है. लेकिन मेरी नज़र से अगर देखें तो हर कोण से खिंची रेखाओं की काट पर, बीचों-बीच, सबसे चमकीला चांद टांका है दाहिने हाथ के बल्लेबाज... Read more
कैसे पुलिसवाले हो यार
‘सर’ कांस्टेबल राजेश ने एस ओ साब से धीरे से कान में कहा ‘वो दोनों भी तैयार नहीं हुए, भाग गए’ बड़े अधिकारी मौके पर थे इसलिए उनसे जबरदस्ती भी नहीं की जा सकी. वो एक किन्... Read more
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