सरयू नदी कुमाऊँ की गंगा है
सौंग से लगभग 40 किमी दूर नंदाकोट पर्वत पूर्वी हिस्से के दक्षिण की तरफ से प्रवाहित होती है. सरयू के स्रोत को सरमूल (सहस्त्रधारा) कहा जाता है. नंदाकोट पर्वत का ही एक हिस्सा सरयू और पिंडर घाटी... Read more
दूनागिरी अल्मोड़ा जिले की एक पहाड़ी है. अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग 60 किमी है. यह रानीखेत कर्णप्रयाग मार्ग पर द्वाराहाट से 15 किमी की दूरी पर स्थित है. दूनागिरी की पहाड़ी को ही पुर... Read more
थल: सांस्कृतिक व व्यापारिक महत्व का पहाड़ी क़स्बा
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल का सीमान्त क़स्बा है थल. यह रामगंगा के दोनों तटों पर आमने-सामने बसा है. यह पिथौरागढ़ जिले के प्राचीन कस्बों में से एक है. 1962 तक थल अल्मोड़ा जिले का विकासखण्ड हुआ करत... Read more
ऐतिहासिक स्याल्दे बिखौती मेले की तस्वीरें
स्याल्दे बिखौती मेले का आयोजन शुरू हो चुका है. आल, नौज्यूल, गरख धड़े के थोकदार और प्रधान नगाड़े, निशानों, ढाल, तलवारों के साथ वीर रस की हुंकार भरते हुए युद्ध कला की बारीकियां दिखाने को पूरी... Read more
स्याल्दे बिखौती मेला आज से शुरू
पाली पछाऊँ की सांस्कृतिक विरासत उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति की धरोहर द्वाराहाट का स्याल्दे बिखौती का मेला पाली पछाऊँ में आयोजित होता है. चैत्र मास की अन्तिम रात्रि ‘विषुवत्’ संक्रान्ति की रात... Read more
लोकथात व परंपरा का संगम स्थल : थल
मानसरोवर के निचले भागों में सरिता रूप लेने के क्रम में बांसबगड़, बिरथी, मुनस्यारी, नाचनी, हुबुली, बाघी क्विटी, झिनियां व बंजाणी की छोटी गाड़ें व नाले आकर मिलते हैं रामगंगा में. पुगाराऊं के स्य... Read more
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