पिछले पांच सौ सालों में विज्ञान और तकनीक ने दुनिया का चेहरा ही बदल कर रख दिया. खोज आविष्कार व नवप्रवर्तन से प्रकृतिदत्त संसाधनों का विदोहन हुआ. उत्पादन बेहिसाब बढ़ा. उसी के साथ आय, उपभोग, ब... Read more
महामाया के शक्तिपीठ
महामाया आदिशक्ति की जाग्रत शक्तियों वाले स्थान सिद्धि शक्ति पीठ कहे जाते हैं. यज्ञ में अपने पति शिव को निमंत्रित न करने के अपमान से आहत हो दक्ष प्रजापति की पुत्री सती यज्ञ की धधकत... Read more
पितरों पुरखों के साथ आने वाले कल का इतिहास
हरारी की किताब सेपियन्स और होमोडियस डॉ युवल नोह हरारी ने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से इतिहास में शोध उपाधि प्राप्त की है. अब येरुशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी में लेक्चरर हैं. दुनिया के इतिहास पे... Read more
पितृ पक्ष में हरि की पौड़ी हरिद्वार
हरिद्वार नाम का उल्लेख पद्म पुराण में है. इसके ‘उत्तर -खंड’ में गंगावतरण की कथा है. महाभारत के ‘वन-पर्व ‘ में नारद मुनि ‘भीष्म-पुलस्त्य संवाद’ से युधिष्ठि... Read more
स्ट्रीट फोटोग्राफी का डिप्रेशन
जीवन भर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुल महाविद्यालयों में अर्थशास्त्र की प्राध्यापकी करते रहे प्रोफेसर मृगेश पाण्डे फिलहाल सेवानिवृत्ति के उपरान्त हल्द्वानी में रहते हैं. अर्थशास्त्र के अति... Read more
इनसे बनती है 5 ट्रिलियन इकॉनमी बाबूजी!
इधर 5 ट्रिलियन इकॉनमी की बड़ी चर्चा है. हमारे वरिष्ठ सहयोगी और अर्थशास्त्री, फोटोग्राफर प्रोफ़ेसर मृगेश पाण्डे ने इस वक्तव्य को ध्यान में रखते हुए एक शानदार फोटो निबंध तैयार किया है. साथ ही उन... Read more
गरुड़ गंगा गोमूत्र रत्नावली
ग से गरुड़ गंगा के गंग लौड़ों की रेडियोधर्मिता से अभिसिक्त व गो से गोमूत्र की सरल आणविक शक्तियों द्वारा सिंचित रहस्यमयी टुटकों के चुटकों को उधेड़, लोक कल्याण की पावन कामना से खुड़पेंची... Read more
भीमताल का भीमेश्वर महादेव मंदिर
भीमताल डाट में बस स्टेशन से 200 मीटर आगे उत्तराखंड का प्राचीन शिव मंदिर है. इसे भीमेश्वर मंदिर कहा जाता है. भीमेश्वर मंदिर के विषय में मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों द्वारा कराया... Read more
शिव की अति प्यारी विजया
विजया अर्थात संस्कृत में भंगा, मदकारिणी, मादनी, बंगाली में सिद्धि भांग, फ़ारसी में कनब, बंग,अरबी में किन्नाब व मराठी, गुजराती व हिंदी में भांग तो अंग्रेजी में Indian Hemp कही जाती है. इ... Read more
जागेश्वर में बानर का स्वांग करने वाले लड़के से सुनिये युवा पहाड़ियों की कहानी
हाँ, सौंणन में खूब रेलमपेल रहने वाली ठेरी फीर. वो मंदिर से यहाँ कुबेर जी के मंदिर तक दिनमान भर नब्बे-सौ चक्कर लग ही जाने वाले हूए मेरे. दनिया-पनुएनौला की रामलीला में भी ऐसे ही कभी बानर, कभ... Read more
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