धारचूला के तेनसिंह को सलाम जिसने भांडमजुवा बनने की बजाय खुद्दारी से जिया अपना जीवन
Posted By: Kafal Treeon:
आज किसी भाई ने अपने फेसबुक पोस्ट में ‘भांडमजुवा’ शब्द का प्रयोग किया है. वही भांडमजुवे जो अपने गांवों से भागकर शहर-कस्बों में जाकर वहां के होटल-ढाबों में बर्तन मांजने का काम करते... Read more
आपने कभी मुस्कान की सब्जी खाई है?
Posted By: Kafal Treeon:
बहुत लजीज,पौष्टिक और कम समय पर पकने वाली. केवल नमक और तेल के साथ ही गजब का स्वाद देने वाली. मसालों की दरकार नहीं. ऐसी होती है, मुस्कान की सब्जी. Muskaan Vegetable of Chaundas Nrip Singh... Read more
धारचूला में पहले टेलीफोन की पचास साल पुरानी याद
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धारचूला में टेलीफोन का पदार्पण 1961 में तहसील बनने के बाद ही हुआ होगा क्योंकि उससे पहले उसके आने की संभावना कम ही थी. वह भी पुराने पोस्ट ऑफिस पर ही उपलब्ध रहा था. (First Telephone in Dharchu... Read more
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