पहाड़ के लोक में ‘ढोल-दमाऊ’ का महत्व
यूं तो सभी क्षेत्रों में अलग-अलग वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाता है, जिनका प्रचलन प्राचीन काल से होता आ रहा है. उनका महत्व उस क्षेत्र के परिवेश, संस्कृति एवं विरासत पर आधारित होता है और सद... Read more
देहरादून का मिन्ड्रोलिंग मठ
बैसाख की पूर्णिमा को पूरे विश्व मे बुद्धपूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. भगवान बुद्ध का जन्म, परिनिर्वाण और ज्ञान की प्राप्ति ये तीनों महत्वपूर्ण घटनाएं उनके जीवन में इस एक ही दिवस विशेष प... Read more
सूर्य भगवान की मूर्ति किसी धातु या पत्थर से निर्मित नहीं है बल्कि यह मूर्ति बड़ के पेड़ की लकड़ी से बनी है. लाल वर्ण, सात घोड़ों के रथ में सवार भगवान सूर्य देव को सर्वप्रेरक, सर्व प्रकाशक, स... Read more
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