साल 2014 में मैं जब जीत सिंह नेगीजी से पहली बार रूबरू मिला था तो सोचा था कि वापसी में ढेर सारे गीतों का खज़ाना मेरे पास होगा. ये जानकर बहुत कष्ट हुआ था कि खुद उनके पास भी उनके गीत ग्रामोफोन... Read more
गढ़वाली लोकगीत के पितामह जीत सिंह नेगी का निधन
Posted By: Kafal Treeon:
1950 के दशक में एक खुदेड़ दिल्ली बंबई रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासियों के बीच खूब लोकप्रिय हुआ, उसके बोल कुछ यूं थे – तू होली ऊंची डांडयूं मां, बीरा घसियारी का भेस मां, खुद मां तेरी सड... Read more
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