फूल बन कर खिलने वाली पर्वतपुत्री है फ्यूंली
Posted By: Kafal Treeon:
गढ़वाल में चैत के महीने में गाए जाने वाले लोकगीत चैती कहलाते हैं. अधिकतर लोकगीतों का वर्ण्य विषय लोकगाथाएँ होती हैं. इन लोकगाथाओं में दो तत्व अनिवार्य रूप से होते हैं, पहला ससुराल में कष्टपू... Read more
खुदेड़ गीत उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल में बसंत के मौके पर गाये जाने वाले गीत हैं. यह गीत नवविवाहिताओं के द्वारा गाये जाते हैं. इसमें मायके जाकर माता-पिता एवं भाई-बहनों से मिलने की आकुलता के भाव... Read more
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