मेरा गांव मझेड़ा
Posted By: Kafal Treeon:
लौह अयस्क से परिपूर्ण एक पहाड़ी और उसकी सीमा रेखा बनाती दो नदियाँ- खैरना और कोशी. एक उत्तरवाहिनी तो दूसरी पश्चिम की ओर आते-आते दक्षिण-पश्चिम को ओर चल देने वाली. उत्तर-पूर्व और दक्षिण में इन... Read more
सी. डब्लू. मरफी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊँ’ (1906) से आप अनेक दिलचस्प विवरण पढ़ चुके हैं. आज इस किताब से पढ़िए अल्मोड़ा और नैनीताल के बीच आने-जाने की व्यवस्था के बारे में कुछ रोच... Read more
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