साझा कलम : फालतू पुराण
Posted By: Kafal Treeon:
“आ गए अच्छे दिन? आज तो पलंग के नीचे से निकालकर ड्राइंग रूम तक आ गए, क्या बात है !”- जॉन लैपटॉप ने क्रिकेट बैट गुड्डू को ताना मारते हुए बोला. गुड्डू ने कुछ जवाब नहीं दिया, सिर्फ ह... Read more
रॉंग नंबर
Posted By: Girish Lohanion:
रॉंग नंबर -आशीष ठाकुर एक दोपहर थी थकी-थकी, उदास, ठहरी हुई. खिड़कियाँ सूनी थी, आसमान अकेला. घर में सन्नाटा पसरा था. अब तो बेला के क़दमों की आवाज़ भी नहीं आती, पायल पहनना उसने कब का छोड़ दिया. घर... Read more
दुःख का रंग भी सुनहरा होता है –द स्ट्रेट स्टोरी
Posted By: Sudhir Kumaron:
आशीष ठाकुर आशीष मूलतः मध्यप्रदेश के निवासी हैं.फिलहाल पिछले 15 वर्षों से मुंबई में रहते हैं. पहले एडवरटाइजिंग, फिर टेलीविज़न और अब फ्रीलांसिंग करते हुए मीडिया से जुड़े हुए हैं. फिल्मो... Read more
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