नये समय में नए अर्थ ग्रहण करते पुराने शब्द
टॉक्सिक (जहरीला) को ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी ने इस साल का अंतर्राष्ट्रीय शब्द चुना है. ऐसा नहीं है कि सबसे अधिक लोगों ने ऑक्सफोर्ड की साइट पर इस शब्द का मतलब जानने की कोशिश की और इसे छांट... Read more
करवा चौथ पर श्री टेलीविजन को पत्र
श्री टेलीविजन जी, आज करवा चौथ है. सो कल भीषण शापिंग के चलते मेरे शहर की सड़कें जाम थीं. बिल्कुल नई दुल्हन सा सजना होता है इसलिए सब कुछ नया चाहिए होता है. कांच की चूडियों को टूटने से बचाने के... Read more
अनुराग कश्यप चलती का नाम गाड़ी हो चुके हैं. सितारेदार प्री-पेड रिव्यूज का पहाड़ लग चुका है. वे अब आराम से किसी भी दिशा में हाथ उठाकर कह सकते हैं- इतने सारे लोग बेवकूफ हैं क्या? फिर भी इतना क... Read more
यह कोई छोटा रहस्य भी नहीं
मेरे घर से कुछ दूर सड़क पर एक मूंगफली का खोमचा जाड़ा शुरू होते ही अवतरित होता है. नवंबर की जल्दबाज सांझ के झुटपुटे में जिस तरह माथे के ऊपर के आकाश से वह खोमचा हौले से उतर कर सोंधी गंध के साथ... Read more
उत्तराखण्ड की एक बीहड़ यात्रा की याद – 3
रूद्रप्रयाग जा रही रोडवेज की खटारा बस की सीट के नीचे बैग रख रहा था कि कातर भाव से आकाश ताकते दादा पर नजर पड़ी. कई दिन बाद अचानक याद आया कि उन्हें हर्निया है, डाक्टरों के कहने के बावजूद जिसका... Read more
उत्तराखण्ड की एक बीहड़ यात्रा की याद – 2
इस ट्रैवलाग ने एलानिया कहानी बनने की तरफ पहला गोता मार दिया है. लेकिन मैं इसे पूरी ताकत लगाकर कहानी होने से बचाना चाहता हूं क्योंकि हमारे जीवन का यथार्थ कहानी से कहीं ज्यादा दिलफरेब है. कहान... Read more
उत्तराखण्ड की एक बीहड़ यात्रा की याद – 1
मुझे आजकल लगता है कि मैं कोई जमाने से यहीं खड़ा, हवा चले न चले सिर पटकता पेड़ हूं. या कोई धूल से अटी पिचके टायर वाली जीप हूं जिसके स्टीयरिंग का पाइप काटकर मेरे गांव छोकरे लोहार से कट्टा बनवा... Read more
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