अपनी कविता में चंद्रकांत देवताले मां पर एक जगह लिखते हैं – मैंने धरती पर कविता लिखी है चंद्रमा को गिटार में बदला है समुद्र को शेर की तरह आकाश के पिंजरे में खड़ा कर दिया सूरज पर कभी भी... Read more
पहाड़ी माँ के जीवन की संघर्षगाथा
Posted By: Girish Lohanion:
पांच दशक पूर्व तक पहाड़ में नारी के कठिन और संघर्षपूर्ण जीवन गाथा की आज कल्पना भी नहीं की जा सकती. उन दिनों गांव की अधिकांश महिलाओं को सुबह बिना कुछ खाए अथवा मंडूवे की रोटी का एक आधा टुकड़ा, ब... Read more
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