1960 में हरित क्रांति के नाम पर हमने क्षेत्र विशेष के स्थानीय बीजों को चलन से बाहर करने के लिए जो सीड कंट्रोल एक्ट 1966 और फिर 1983 बनाया, उसके द्वारा हमारी उपज तो बड़ी लेकिन खेती की लागत भी... Read more
कुमाऊं में होली की विधाएं
कुमाऊं में होली की चार विधाएं हैं – खड़ी होली, बैठकी होली, महिलाओं के होली, ठेठर और स्वांग. खड़ी होली का अभ्यास आमतौर पर पटांगण (गांव के मुखिया के आंगन) में होता है. यह होली अर्ध-शास्... Read more
राजनीतिक सत्ता और उसके संघर्ष ने भारत की सीमाओं को हमेशा अदला -बदला, लेकिन धार्मिक परंपराओं से भारत के एक राष्ट्र के रूप में विकास में आदि गुरु शंकराचार्य का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है. Raghu... Read more
जाड़ों में पहाड़ों की रसोई में एक स्पेशल परोसे जाने का रिवाज है. इस थाली में बड़ी, भांग की चटनी, ठठ्वाणी, भांग के नमक में सनी मूली शामिल है. आज आपको बताते हैं इस थाली के सबसे महत्वपूर्ण हिस्... Read more
जंगलों में गांव की भागीदारी बनी ही रहनी चाहिए
टिहरी जिले के थत्युड ब्लॉक से कोई 10 – 12 किलोमीटर आगे देवसारी और मोलधार गांव हैं. यह सुंदर तस्वीरें इसी गांव की हैं जो बरबस ही आपका ध्यान खींच लेती हैं. यहां गांव के ठीक पीछे देवदार... Read more
मेरे हिस्से के चंडी प्रसाद भट्ट
यह वर्ष 1986 था जब मैं द्वाराहाट जैसे ग्रामीण पृष्ठभूमि से बी.ए पास कर आगे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई का इरादा रखकर, इलाहाबाद गया. लेकिन सत्र के 2 साल विलंब होने के कारण वहां प्र... Read more
दैव संयोग से ही बनते हैं, हल्द्वानी ऑनलाइन 2011 जैसे ग्रुप सोशल मीडिया का प्लेटफार्म अच्छाई के लिए कम ही जाना जाता है. प्लेटफार्म में मौजूद तमाम नकारात्मकता के बावजूद, हल्द्वानी ऑनलाइन 2011... Read more
आज मैन ऑफ़ ट्रीज का जन्मदिन है
यूं तो भारत सहित दुनिया की अधिकांश प्राचीनतम सभ्यताएं चीन, मिश्र, यूनान तथा आदिवासी अफ्रीकी समाज में पर्यावरण चेतना का स्तर प्राचीन समय में बहुत ऊंचा था. सभी सभ्यताओं ने प्रकृति को विभ... Read more
मिलिये सामाजिक कार्यों के लिये सरकारी नौकरी छोड़ने वाले उत्तराखंड के धूम सिंह नेगी से
पंचायत चुनाव के दौरान प्रख्यात गांधीवादी चिंतक सर्वोदय कार्यकर्ता और बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता 80 वर्षीय धूम सिंह नेगी जी से उनके घर कठिया तोक ग्राम पिपलेथ खाडी़, टिहरी गढवाल में हिमालय सेव... Read more
गांधी का ग्रामस्वराज और आधुनिक ग्राम
पंचायतें इन दिनों उत्तराखंड में ग्राम पंचायत चुनाव की चर्चा जोरों पर है. ऐसे में ग्रामीण भारत के विषय में महात्मा गांधी के देखे स्वप्न और उसकी जमीनी हकीकत पर चर्चा करना प्रासंगिक होगा. महात्... Read more
Popular Posts
- Олимп казино официальный сайт в Казахстане – Olimp Casino
- Guide du bonus 1xbet APK – conditions de mise, bonus de bienvenue et retraits
- Betify Casino en Ligne | Jouez sur Betify avec 1000 €
- Polskie kasyna online z darmowymi spinami dla nowych graczy
- Slovenské online kasína – zoznam odporúčaných kasín pre hráčov
- Zonder Cruks Online Casino – Veiligheid en beveiliging van spelers
- Zahraniční online casino – průvodce výběrem nejlepší platformy
- Slot Sites in GB – User Experience
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा
- चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार
- मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
- पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे
- ‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है
- सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन
- मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है
- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
- कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा
- दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है
- उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी
- एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!
- रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन
- हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी
- भारतीय परम्परा और धरती मां
- शकटाल का प्रतिशोध
