देवीधुरा का पान और नेता बहादुर – सच्ची घटना पर आधारित उमेश तिवारी ‘विश्वास’ की कहानी
वो मरने ही आया था यहाँ. देवीधुरा पहाड़ की चोटी पर बना ग्राम देवता का वह मंदिर अब खंडहर में तब्दील हो चुका था. आधी गिर चुकी दीवाल से पीठ लगा पानदेब भूखे पेट की ऐंठन को दबाने का भरसक प्रयत्न क... Read more
लछुली की ईजा – भुवन चन्द्र पन्त की कहानी
प्रायः सुनसान सा रहने वाला लछुली की ईजा का घर-आंगन, आज एकाएक गांव के लोगों से खचाखच भरा था. यह भीड़ किसी उत्सव की न होकर उन लोगों की थी जो लछुली की ईजा को अन्तिम विदाई देने पहुंच रहे थे. बेट... Read more
चलते चलते अचानक मेरे पैर जहाँ के तहाँ ठहर गये. अग़ल-बग़ल उठ आये मकानों के बीच इस मकान को खोजना मुश्किल हो रहा था लेकिन पहचान तो पुरानी थी. यही तो था वो घर जिसकी दीवारों, खिड़कियों और आँगन से... Read more
हल्द्वानी वाले बुआ-फूफा जी और उनके स्मार्ट फोन
उनकी गृहस्थी सुन्दर थी. फूफा बुआ को स्कूटर पर घुमाते थे. हर इतवार या छुट्टी के दिन वे दोनों किसी न किसी रिश्तेदार के यहाँ हो आते थे. दो से तीन होने पर भी आने जाने का यह सिलसिला बना रहा. फूफा... Read more
लाइव के मौसम में एक जरूरी कथा
[अमित श्रीवास्तव की यह ताज़ा कहानी सच की अनेक परतों के बीच डूबती-उतराती रहती है. यह आधुनिक समय की अनेक ऐसी विद्रूपताओं के ऊपर पड़े जालों को साफ़ करता हुआ एक दस्तावेज है जिसे पढ़कर हमें अपने ही अ... Read more
टीवी में बहुत ही रोचक कार्यक्रम आ रहा था जिसका विषय था-दानव मछली. यानी ऐसी बड़ी-बड़ी मछलियाँ जो रहती तो नदी में थी लेकिन उनके जीवित मनुष्यों को निगल जाने की किंवदंतियाँ भी थीं. क्योंकि विष... Read more
नाम-सोबन सिंह, रंग- गोरा, कद-औसत, आँखें-चमकदार, पीठ-सीधी, आवाज़–कड़क, उम्र-तिरासी साल. (Soban Singh Story Swati Melkani) उम्र के अलावा और कुछ भी ऐसा नहीं है जो इस व्यक्ति को बूढ़ा कहलवाने की हि... Read more
भले ही देश आर्थिक उदारीकरण के लिए सरदार मनमोहन सिहं और नब्बे के दशक को याद रखता हो लेकिन मेरे पिताजी परिवार के हित में ऐसी कोशिश उससे भी पाँच बरस पहले भैंस खरीदकर कर चुके थे. पिताजी जब भैंस... Read more
नैनीताल के अजाने इतिहास से निकली एक और अनोखी कहानी
नैनीताल के फांसी गधेरे से जुड़ी अनेक किंवदंतियों-कहावतों-किस्सों के पसमंजर में गूंथकर रचा गया है इस अद्भुत कथा को. इतिहास, समाजशास्त्र और फंतासी के बीच तैरती-उतराती यह कथा एक से अधिक बार पढ़े... Read more
अंग्रेजों के ज़माने का पटवारी हुआ गुमानसिंह
जीवन भर हल्द्वानी (Haldwani) में रहे स्व. आनन्द बल्लभ उप्रेती (Anand Ballabh Upreti) राज्य के वरिष्ठतम पत्रकार-लेखकों में थे. हल्द्वानी से निकलने वाले साप्ताहिक ‘पिघलता हिमालय’ अ... Read more
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