हीरा-लीक्स
गुडी गुडी डेज़ अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 20 अमित श्रीवास्तव हीरामन के पास एक बक्सा था. बक्से में एक पिटारा था. पिटारे में अखबारी कतरनों का एक बंडल. बंडल पर हाथ फेरते हुए हीरा ने बता... Read more
अगर आप रो नहीं सकते तो आपको हंसने का कोई हक़ नहीं
चार्ली चैप्लिन (Charlie Chaplin) के बहाने कुछ फिल्मों के कुछ फ्रेम्स की याद एक फ्रेम है ‘सिटी लाइट्स’ मूवी में जिसमें ट्रैम्प (चार्ली चैप्लिन Charlie Chaplin) उस अंधी लड़की (वर्जी... Read more
गुडी गुडी के राष्ट्रीय प्रतीक
गुडी गुडी डेज़ अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 20 अमित श्रीवास्तव (हीरामन-स्मृति) गुडी गुडी के बारे में आपकी उत्सुकता को देखते हुए लेखक ने हीरामन से गुडी गुडी मुहल्ले के बारे में मालूमात... Read more
सस्सू की चिट्ठी
गुडी गुडी डेज़ अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 19 अमित श्रीवास्तव दुखवा कासे कहूं… बात ही बात में बस बात हुई जाती है सुबू तो होती ई नहीं रात हुई जाती है कैसे कहूं? जब से तुम्हें देखा है ज... Read more
ललित मोहन रयाल की नई किताब
कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ [ललित मोहन रयाल (Lalit Mohan Rayal) कृत ‘अथश्री प्रयाग कथा’ के बहाने प्रयाग के ‘बहबूद के सामाँ’* की पड़ताल] -अमित श्रीवास्तव तुलसीदास जी कहते हैं हाथी के बराबर बड़े पापो... Read more
विक्की कि विकसवा कि विक्किया
विकसवा बहुत नाराज़ था. नाराज़ होने की बात ही ठहरी. बिचारा कब से इधर-उधर चक्कर काट रहा था. रात बिताने की जगह नहीं थी. सर छुपाने की जगह नहीं थी. उधर से जब चला था तो उसको नाम पता सब दिया गया था.... Read more
लाई वी न गई ते निभाई वी न गई
अंतर देस इ (… शेष कुशल है!) मामला जम नहीं रहा था. तीन दिन से लगातार पिच्चर हॉल जा रहा हूँ. पूरी मूवी नहीं बस वो राष्ट्रगान वाले टाइम रहकर फिर बाहर आ जाता हूँ. देशभक्ति नहीं आई मुझमें. अभी कल... Read more
वो स्त्रियोचित हो जाना नहीं था
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) पर हमारे नियमित सहयोगी अमित श्रीवास्तव की यह मर्मभेदी रचना पढ़िए. बराबरी -अमित श्रीवास्तव किसी दिन किसी समय कहीं एंटी एनक्रोचमें... Read more
आई विश मोर फ्लाइट्स टू योर विंग्स, कमांडर
पाकिस्तान में बंदी बना लिए गए भारतीय वायु सेना के अधिकारी विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing Commander Abhinandan Varthaman) की सुरक्षित स्वदेश वापसी पर यह त्वरित टिप्पणी हमारे साथी अमित श्री... Read more
इंतज़ार : लघु क्षोभ कथा
अंतर देस इ (… शेष कुशल है !) – अरे- अरे देख के ड्राइवर साहब ऊपर पहुँचाओगे क्या…’ लगभग लड़ ही गई थी गाड़ी सामने से आ रही गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली से. ‘ये सब उप... Read more
Popular Posts
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
- दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष
- गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन
- लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में
- कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक
- उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
- उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं
- उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान
- उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य
- बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर
- खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन
- वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
- दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
- गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?
- भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे
- कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल
- हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- हरेले के रंग में पहाड़ : फोटो निबन्ध
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
