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महाकवि भास द्वारा रचित नाटक स्वप्नवासवदत्ता का पिथौरागढ़ महाविद्यालय में मंचन

भाव राग ताल नाट्य अकादमी के द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मंगलवार शाम 6 बजे महाकवि भास द्वारा रचित नाटक स्वप्नवासवदत्ता का सफल मंचन पिथौरागढ़ महाविद्यालय के हॉल में किया गया. संयोजन बबीता कांडपाल, असिस्टेंट प्रोफेसर संस्कृत विभाग, महाविद्यालय पिथौरागढ़ ने किया.
(Swapnavasavadatta Staged Pithoragarh)

नाटक की कहानी ऐसे राजा पर आधारित थी, जो अपनी रानी के मोह में वशीभूत होकर अपने राजा होने के कर्तव्य को भूलने लगता है जिसे देख राज्य के मंत्री गण चिंतित होते हैं, राजा को अपने राज्य के कर्तव्य पालन करवाने को एक योजना बनाई जाती है और अंत में राजा को अपने राज्य के हित के लिए अपने राजकीय कर्तव्यों का एहसास हो जाता है नाटक को देखने के लिए शहर के गणमान्य लोगों के साथ साथ सामान्य जनमानस की भारी भीड़ उमड़ी, जिनके द्वारा नाटक के सफल मंचन हेतु पूरी टीम के कार्य को सराहा गया और उज्जवल भविष्य की कामना की गई.

मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपिका बोरा व पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रा पन्त नाटक के समापन तक उपस्थित रहीं और नाटक के सफल मंचन हेतु सभी को बधाई दी गयी. नाटक का निर्देशन संस्था के सचिव कैलाश कुमार ने किया, नृत्य निर्देशन पंडित हेमंत गुरु महाराज के द्वारा किया गया, संगीत निर्देशन धीरज कुमार लोहिया व ढोलक वादन मुकुंद के द्वारा किया गया.
(Swapnavasavadatta Staged Pithoragarh)

अभिनय विकास भट्ट वेंकटेश नकुल, रोमी यादव, दीपक मंडल, जितेंद्र धामी, अमित, सेबक, सपना, तनुजा, दीक्षा, ज्योति, मनीषा के द्वारा किया गया. संस्था के सचिव कैलाश कुमार ने बताया संस्था लोक संस्कृति व भारतीय रंगमंच पर पिछ्ले 11 वर्षों से काम करती हुई आ रही है, संस्था लोक कला और रंगमंच के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ कलाओं को शिक्षा के साथ जोड़ने के उद्देश्य से भविष्य में काम करती रहेगी.
(Swapnavasavadatta Staged Pithoragarh)

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Sudhir Kumar

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