Default

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मृत्यु की अफवाह फैली

कुछ घंटों पहले सोशियल मीडिया में उतराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मृत्यु की अफवाह फैलने से में सनसनी फ़ैल गयी. अचानक एक फेसबुक पोस्ट जिसमें लिखा गया था कि बहुत दुःखद घटना अभी अभी उत्तराखंड मुख्यमंत्री का निधन, को लोगों द्वारा शेयर किया जाने लगा.
(Rumors of Trivendra Singh Rawat death)

अचानक आई इस ख़बर को लोगों ने भी बिना सोचे समझे शेयर करना शुरू कर दिया. उत्तराखंड पुलिस द्वारा इस बात का खंडन किया गया. उत्तराखंड पुलिस ने एक फेसबुक पोस्ट कर इसे अफवाह करार दिया गया.

अपनी फेसबुक पोस्ट में उत्तराखंड पुलिस ने लिखा कि

सोशल मीडिया पर माननीय मुख्यमंत्री जी के सम्बंध में झूठी अफवाह फैलाने वालों पर श्री Ashok Kumar IPS, DG Law & Order Sir ने दिए मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा. ऐसे लोगों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी.

अफवाह फ़ैलाने वालों पर अब तक किसी भी प्रकार करवाई की कोई खबर नहीं है. पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के लोग मुख्यमंत्री की कार्यशैली से खासे नाराज हैं. इन दिनों सोशियल मीडिया पर मुख्यमंत्री का न केवल खूब मजाक उड़ाया जा रहा है.
(Rumors of Trivendra Singh Rawat death)

अपनी कार्यशैली के चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री देश के उन मुख्यमंत्रियों में हैं जिनपर फ़िलहाल सबसे ज्यादा मीम बन रही हैं. सोशियल मीडिया में उन पर आये दिन नये-नये चुटकुले बनाये जा रहे हैं. यह अफ़वाह इसी क्रम की एक अति है.
Rumors of Trivendra Singh Rawat death

काफल ट्री अपने पाठकों से अनुरोध करता है कि इस प्रकार के मैसेज को बिना जांचे परखे आगे शेयर न करें.

-काफल ट्री डेस्क

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

  • Thanks for your clarification. Our simple living and innocent CM may live long life.?
    Any way he is not deserving candidature for the post of CM.

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

3 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

3 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

3 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago