Categories: Featuredकॉलम

मुक्तेश्वर : मलबे से पांच मजदूरे के शव निकाले गए

दो दिनों से जारी बारिश के बीच अब तक की सबसे बुरी और दिल देहला देने वाली खबर नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर से है. आज प्रशासन को प्रातः 6.20 पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम चौखुटा तोक दोसापानी, निकट इंटर कॉलेज मुक्तेश्वर के पास दीवार व मलवा आने से छह मजदूर दबगए हैं. सूचना पर थाना मुक्तेश्वर से आसिफ खान थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर मय पुलिस बल के रेस्क्यू के लिए निकले. कड़ी मेहनत से किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग चार घंटे चला. कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन को एक व्यक्ति को जिन्दा निकलने में कामयाबी मिली. मलबे में दबे शेष पांच व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी थी. एक मजदूर कांशीराम पुत्र शम्भु राम उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम बेलवा थाना साठी, जिला पश्चिमी चंपारण बिहार को सकुशल बचाया गया. जबकि पांच मजदूरों के शव मलबे से बाहर निकाल लिए गए. इनके नाम पते निम्न हैं. (Mukteshwar five laborers)

मजदूर को सकुशल रेस्क्यू करते पुलिसकर्मी

मृत व्यक्तियों के नाम पते:-

1- धीरज कुमार कुशवाहा पुत्र धीरेंद्र प्रसाद निवासी ग्राम व पोस्ट बेलवा थाना साठी जिला पश्चिमी चंपारण बिहार उम्र 24 वर्ष

2- इम्तियाज़ पुत्र नूरआलम उम्र 20 वर्ष निवासी उपरोक्त.

3- जुम्मेराती पुत्र तूफानी मियां उम्र 25 वर्ष निवासी मच्छर गहवा जिला पश्चिमी चंपारण बिहार.

4- विनोद कुमार पुत्र राधेश्याम उम्र 21 वर्ष निवासी माधवपुर, दुल्हापुर थाना जलालपुर जिला अम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश.

5- हरेन्द्र कुमार पुत्र रामदार उम्र 37 वर्ष निवासी माधवपुर  दुल्हापुर थाना जलालपुर जिलाअम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश.

6- घायल का नाम कांशीराम पुत्र शम्भु राम उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम बेलवा थाना साठी जिला पश्चिमी चंपारण बिहार.

शवो के पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है. इस पूरे क्षेत्र में एसएसपी नैनीताल ख़ुद रेस्क्यू कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं.

दो दिन की बरसात नहीं झेल पाया गौला पुल: वीडियो

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

कुमाऊँ की खड़ी होली

इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी…

3 days ago

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर…

1 week ago

फूल, तितली और बचपन

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि…

2 weeks ago

पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?

पिछली कड़ी : तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन आजादी के दौर…

2 weeks ago

अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की

यूं तो होली पूरे देश में मनाए जाने वाला एक उमंग पर्व है परन्तु अलग…

2 weeks ago

धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम

दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है,…

2 weeks ago