कोसी नदी के शांत और दिलकश तट पर स्थित है गिरिराज हिमालय की पुत्री ‘गर्जिया’ का पावन स्थल. ढिकुली और सुंदरखाल गांव के पास गर्जिया मंदिर की खूब मान्यता है. नवरात्रों में यहां गर्जिया मां के दर्शन के लिये लाखों की भीड़ आती है.
(Garjiya Mandir Photo)
कहते हैं कि एकबार कोसी नदी में बड़ी भीषण बाढ़ आई. पहाड़ों से निकलने वाली कोसी में पहाड़ का एक टीला भी आया इस टीले पर गिरिराज हिमालय की पुत्री का मंदिर था. नदी में बहते हुये मंदिर को भैरव ने देखा तो प्रार्थना की- ‘थि रौ, बैणा थि रौ’ (ठहरो, बहना ठहरो) तभी से गर्जिया में देवी निवास करती हैं.
कोसी नदी में स्नान कर भक्त गर्जिया मां के दर्शन करते हैं. गर्जिया मां से नव-विवाहित स्त्रियाँ यहाँ अक्षुण सुहाग की मनोकामना करती हैं. निःसंतान दंपत्ति संतान प्राप्ति की कामना करते हैं. यहां देखिये गर्जिया मंदिर के भीतर मां गर्जिया की कुछ अद्भुत तस्वीरें:
(Garjiya Mandir Photo)
गर्जिया मंदिर के विषय में पूर्ण जानकारी यहां से लें: रामनगर का गर्जिया माता मंदिर
(Garjiya Mandir Photo)
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