Featured

पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भूकंप के झटके

आज सुबह पिथौरागढ़ में भूकम्प के झटके महसूस किये गये हैं. लगभग सुबह 7 बजकर 30 मिनट में भूकंप के झटके महसूस किये गये थे. Earthquake in Pithoragarh and Bageshwar District

अब तक मिली जानकरी के अनुसार बागेश्वर में सुबह 7.30 और पिथौरागढ़ में 7.35 पर भूकम्प के झटके महसूस किये गये थे. भारतीय मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार भूकम्प की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 4.5 बताई गयी है. Earthquake in Pithoragarh and Bageshwar District

भूकम्प का केंद्र पिथौरागढ़ जिले में बताया जा रहा है. गंगोलीहाट, बेरीनाग, मुनस्यारी तहसील क्षेत्रों में भी भूकम्प के झटके महसूस किये गये थे. खबर लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की क्षति की बात सामने नहीं आई है.

इसी महीने एक अक्टूबर के दिन चमोली में भी भूकम्प के झटके महसूस किये गये थे. पिथौरागढ़ में इससे पहले 16 सितम्बर के दिन भूकम्प के झटके महसूस किये गये थे.

2 अगस्त के दिन देर रात दस बजकर 22 मिनट पर पिथौरागढ़ जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 मापी गयी थी. इस भूकम्प का केंद्र मुनस्यारी तहसील बताया गया था.

-काफल ट्री डेस्क

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से

हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक…

4 days ago

उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास

उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर…

4 days ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया…

1 week ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले…

1 week ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत…

1 week ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों…

1 week ago