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दारमा घाटी में दुग्तालों का गांव दुग्तू

दुग्तू पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी का एक छोटा सा गांव है. पंचाचूली की गोद में बसा इस बेहद खूबसूरत गाँव में रं समाज के लोगों को निवास है जो कि दारमा घाटी का जनजाती समाज है. इनकी अपनी परंपरायें और रहन-सहन बेहद अलग और शानदार है.

ये गाँव पंचाचूली बेस कैम्प जाने वाले रास्ते में पड़ता है और कई लोग रात इस गांव में बिताना भी पसंद करते हैं. दुग्तू गांव में लगभग 100-150 परिवार रहते हैं पर अब यहाँ से पलायन होने लगा है और पलायन की वजहें भी हैं. गाँव में न तो कोई स्कूल ही है और न ही कोई अस्पताल है.

बच्चों की पढ़ाई के लिये इन लोगों को धारचूला में बच्चों को भेजना पड़ता है और यही कारण है कि अब लोग गाँवों से पलायन करके धारचूला में बसने लगे हैं.

इस पलायन के कारण अब यहाँ की परंपरायें बिखरने लगी हैं और लोग अपनी पारंपरिक चीजों को छोड़ने लगे हैं. पहले जहाँ पत्थर के मकान बनते थे जिनमें मिट्टी की पाल होती थी और लकड़ी के खिड़की दरवाजों में जो तरह-तरह की नक्काशियाँ की जाती थी उसकी जगह अब सीमेंट ने और बने-बनाये खिड़की-दरवाजों ने ले ली है.

हालांकि सड़क अब यहाँ पहुँच गयी है पर सड़क के पहुँचने से भी पलायन रोकने में कोई खास ज्यादा फायदा नहीं हुआ. पहले लोग पैदल जाया करते थे अब गाड़ी की सुविधा मिल गयी है तो कम समय में चले जाते हैं.

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विनीता यशस्वी

विनीता यशस्वी नैनीताल में रहती हैं. यात्रा और फोटोग्राफी की शौकीन विनीता यशस्वी पिछले एक दशक से नैनीताल समाचार से जुड़ी हैं.

पंचाचूली बेस कैम्प : विनीता यशस्वी का फोटो निबंध

जलौनीधार एक छोटा मगर प्यारा सा बुग्याल

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Girish Lohani

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