साभार www.amarujala.comफोटो
सरयू एवं गोमती के संगम पर बसे बागेश्वर के निवासी पेयजल संकट से परेशान हैं. नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सिल्ट भरा पानी आ रहा है. लोगों को प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जल संस्थान को सूचित किया जा चुका हैं. उसके बाद भी पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं की जा रही है.
सिल्ट भरे पानी के अलावा कई स्थानों में पेयजल योजना ख़राब हो चुकी है. बनखोला वार्ड में स्थानीय विधायक चन्दन राम दास का आवास है. इसके बावजूद इस वार्ड में आए दिन पेयजल संकट रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार चार-चार दिनों तक भी पानी की बूंद तक नहीं टपकती हैं. पेयजल संकट से परेशानियों का सामना कर रहें वार्ड वासियों ने जल संस्थान के कार्यालय में प्रदर्शन किया. उन्होंने समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान न होने पर कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी.
मुख्यालय से सटी ग्राम सभा बिनवाल तिवाड़ी के ठुड़ाई बस्ती के 18 परिवारों को पेयजल संकट से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं. सभी परिवार पूर्ण रूप से स्त्रोतों के पानी पर निभर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि आधे से अधिक समय मीलों दूर पानी ढोने में व्यतीत हो जाता हैं. जल संस्थान पर उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से न लेनें का आरोप लगाया हैं. आसपास की पेयजल लाइनों और टैंकों के धवस्त होनें से पेयजल संकट लगातार बना हुआ है. जल संस्थान अभी तक पाइप लाइनों में बरसात में जमा मलबा तक नहीं हटा पाया है.
नगर के अन्य हिस्सों ठाकुरद्वारा, मजियाखेत,कठायतबाड़ा के लोगों को भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोग कई किमी दूर जाकर पानी की व्यवस्था कर रहें हैं. जल संस्थान अभी तक लोगों को टैंकों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने में भी असफल रहा है. जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल योजना में फाल्ट आने तथा पुराने पंप हाउस का ट्रांसफार्मर ख़राब हो जाने के कारण नगर के कुछ हिस्सों में पानी की आपूर्ति बाधित हुई है. अतिशीघ्र नया ट्रांसफार्मर लगा कर प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति की जायेगी.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…
कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…
बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…
इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी…
बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर…
बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि…