Featured

कुमाऊनी में चाणक्य नीति श्लोक

जीवन में सफलता के लिए चाणक्य नीति श्लोक बार-बार दोहराए जाते हैं. यहां चाणक्य नीति श्लोक का कुमाऊनी में भावानुवाद किया गया है. बालम सिंह जनौटी द्वारा किया गया यह भावानुवाद पुरवासी पत्रिका में 1992 के अंक में प्रकाशित हुआ था.
(Chanakya Niti Shlokas Kumaoni)

1

धन जाणी प्राण जाणी
घर जाणी जान जाणी
दुनि में सब जाणिये जाणी
एक धरम छू कभै नि जाणी

चला लक्ष्मीश्चला:
प्राणश्चले जीवितमन्दिरे
चला चले च संसारे
धर्म एको हि निश्चलः
(Chanakya Niti Shlokas Kumaoni)

2

धनॅक नाश मनॅक दुःख,
घरै बुराइ कैं नि बतौण चैन
धूर्त धैं ठगी, मौ लगे बेर
के थें नि कोण चैन

अर्थनाशं मनस्ताप
गृहे दुश्चरितानि च
वम्चन चापमानं च
मतिमान्न प्रकाशयेत

3

निर्धन चानी धन
पशु चानी बुलाण
मनख चानी सरुक जाण
द्याप्त चानी मोक्ष पाण

अधमा धनमिच्छन्ति
वाचं चैव चतुष्पदाः
मानवा स्वर्गमिच्छन्ति
मोक्षमिच्छन्ति देवताः

4

नि देख कभै, कभैं निसुण
दुनी में हुनी सुनुक हिरण
उजड़ण बखत उल्टी मति
रामज्यू कर्नी कंस परण

न निर्मिता चैव न दृष्टपूर्बा
न श्रूयते हेममय कुरङ्गः
तथाऽपि तृष्णा रघुनन्दनस्य
विनाश काले विपरीत बुद्धिः

5

दिन में नि देखीन आँख उल्लू कैं
तो सूरज कैं के दोष
द्यो नि पड़न चातका मुख में
तो बादव के के दोष

नोलूकोप्यवलोक्यते यदि दिवा
सूर्यस्य कि दूषणम
वर्षानैव पतन्ति चातक मुखे
मेघस्य किं दूषणम
(Chanakya Niti Shlokas Kumaoni)

6

आग और वामण हव और बल्द
इनार बीच निहुन ठाड़
नौकर मालिक स्यैणि और बेग
इनार बीच कभै नि जाण

विप्रयोविंप्रवहन्योश्च
दम्पत्योः स्वामिभृत्ययोः
अन्तरेण न गन्तव्यं
हलस्य बृषभस्य च

7

दगड़ू हुनी
परदेश में विद्या, घर में घरवाइ
दगड़ू हुनी
मरण में धरम, बीमार में दवाइ

विद्यामित्रं प्रवासे च
भार्यामित्रं गृहेषु च
व्याधित औषधममित्रं
धर्मो मित्रं मृतस्य च

8

पराय स्यणि मै समान
पराय धन ल्वत समान
सबौं पराण आपुं समान
जो समजों उ पण्डित महान

मातृवत् परदारेषु
परदन्येषु लोष्ठवत
आत्मबत्सर्वभूतेषु
य पश्याति स पण्डितः

9

जादे सिद हुण निभै
जै भे चाओ बण उज्याणि
सिद बोट तड़कै हालीं
ट्याड़नकि फौज ठाड़ि

नात्यन्त सरलैर्भाव्यं
गत्वा पश्य वनस्थलीम
छिद्यन्ते सरलास्तत्र
कुब्जा तिष्ठति पादपः
(Chanakya Niti Shlokas Kumaoni)

यह लेख श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब अल्मोड़ा द्वारा प्रकाशित पुरवासी पत्रिका से साभार लिया गया है.

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

2 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

2 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

2 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

2 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

2 weeks ago