गोल्ड मैडल जीतने वाली मानसी नेगी का दर्द
इसमें शायद ही दोराय हो कि पहाड़ का कठोर जीवन पहाड़ के बच्चों को शारीरिक तौर पर मैदानी बच्चों से बेहतर बनाता है. प्रकृति की गोद में पले-बड़े बच्चों को जब मौका मिलता है वह साबित करते हैं कि के... Read more
सिंथिया स्कूल के बच्चे पढेंगे घुघूति बासूती
पहाड़ों में खिलते फ्यूंली और बुरांश को देखने जैसा सुकून देने वाली एक खबर हल्द्वानी से है. हल्द्वानी में एक निजी स्कूल ने अपने स्कूली पाठ्यक्रम में पहाड़ी बोली के बालगीतों शामिल किया गया है.... Read more
उत्तराखंड में इन दिनों चल रहा युवाओं का आन्दोलन देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाओं पर पिछले कई वर्षों से सवाल उठते आ रहे हैं. सवाल औ... Read more
ऐसा रहा पहला टनकपुर बर्ड फेस्टिवल
टनकपुर और आसपास का क्षेत्र नंधौर जंगल, शारदा नदी और प्रवासी पक्षियों की प्रचुरता के कारण प्राकृतिक संपदा से भरा हुआ है. इस अनूठे सौंदर्य का आनंद लेने के लिए दिल्ली, नैनीताल, रुद्रपुर, हल्द्व... Read more
संवरेगी कुमाऊं की सबसे बड़ी बाखली
अल्मोड़ा से हल्द्वानी की ओर निकलने पर एक जगह पड़ती है क्वारब. क्वारब में सुयाल नदी पर बना पुल नैनीताल और अल्मोड़ा जिले की सीमा अलग-अलग करता है. क्वारब से एक रास्ता सुयालबाड़ी, खैरना होता हुआ... Read more
उत्तराखंड की मानसखंड पर आधारित झांकी को गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों में पहला स्थान मिला है. इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी ने... Read more
राष्ट्रपति के सामने होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह की औपचारिक शुरुआत हो चुकी थी. रायसीना हिल्स की इस शाम में ठंड खूब थी और आसमान में लगे घने काले बादल अब बारिश की बूंदें बरसाने लगे थे. तभी... Read more
पहाड़ी ऐसे मनाते हैं बंसत पंचमी
उत्तराखंड में बंसत पंचमी का दिन सबसे पवित्र दिनों में एक माना गया है. सिर पंचमी के नाम से जाना जाने वाला यह पहाड़ियों का एक पवित्र पर्व है. इस दिन पहाड़ी अपनी स्थानीय नदियों में जाकर स्नान क... Read more
गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा छोलिया नृत्य
इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी ख़ास होगी. उत्तराखंड राज्य की झांकी का नाम है मानसखण्ड. झांकी के आगे और बीच के भाग में कार्बेट न... Read more
टनकपुर किताब कौथिग का दूसरा दिन
पिछली कड़ी- टनकपुर किताब कौथिग का पहला दिन टनकपुर किताब कौथिग का दूसरा दिन यानी 25 दिसंबर 2022 की सुबह बड़ी सुहावनी थी. सच कहूं तो उत्सुकतावश नींद ही नहीं आई क्योंकि उस सुबह हमें जाना था वन्य... Read more


























