आज शैलेश मटियानी का जन्मदिन है
आज शैलेश मटियानी का जन्मदिन है. यह लेख 1996 में शैलेश मटियानी से हुई बातचीत का एक हिस्सा है जिसमें वह एक बड़ा उपन्यास को लिखने के विषय में बता रहे हैं. उपन्यास का शीर्षक उन्होंने तय कर लिया ह... Read more
एक महान कला साधक की रंगयात्रा का महत्वपूर्ण दस्तावेज है ‘स्मृतियों में मोहन उप्रेती’
पहाड़ी लोक गीतों को अपनी सुरीली धुनों से संवारने वाले मोहन उप्रेती के अनेक गीत और नाट्य प्रस्तुतियां आज भी जन मानस के मध्य जीवन्त बनी हुई हैं. यह मोहन उप्रेती की अलौकिक धुन का ही कमाल था कि... Read more
पहाड़ की आवाज हीरा सिंह राणा का जन्मदिन है आज
त्यौर पहाड़,म्यौर पहाड़रौय दुखों कु ड्यौर पहाड़बुजुरगूं लै ज्वौड़ पहाड़राजनीति लै ट्वौड़ पहाड़ठेकेदारुं लै फ़्वौड़ पहाड़नानतिनू लै छ्वौड़ पहाड़ग्वल न गुसैं,घेर न बाड़त्यौर पहाड़,म्यौर पहाड़…... Read more
गिर्दा हमारे दिलों में अमर हैं
प्रख्यात जनधर्मी कलाकार-कवि के रूप में गिर्दा हमारे दिलों में अमर हैं. गिर्दा के अवसान के बाद उनके परम मित्र और हिन्दी के बड़े कवि वीरेन डंगवाल ने कबाड़खाना ब्लॉग पर एक बेहतरीन स्मृतिलेख लिख... Read more
सुबह सबेरे ही आज लखनऊ से मित्र मोहन उपाध्याय ने दिल उदास करने वाली खबर दी कि दीवान नगरकोटी नहीं रहे.मित्रों से मिली जानकारी के आधार पर वे पिछले 4-5 माहों से कैंसर की असाध्य बीमारी से चुपचाप... Read more
अट्ठारहवीं शताब्दी में ब्रिटिश भारत के कुमाऊँ-गढ़वाल मंडलों में जातिवादी उत्पीड़न अपने चरम पर था. मुंशी हरिप्रसाद टम्टा का नाम उन राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं में प्रमुखता से लिया जाना चाहि... Read more
लंबे समय में प्रशासनिक एवं राजनैतिक रूप से उपेक्षित पहाड़ के सुदूरवर्ती गांवों में भी विज्ञान एवं तकनीकी का एक समृद्ध स्वरूप विकसित होता रहा है. यहां भी लोक के अपने हरफनमौला शिल्पी रहे हैं ज... Read more
बूबू और उनके बर्मा के किस्से
आज हम अपने पहाड़ों की खूबसूरती, ताजी हवा, शुद्ध पानी, संपदा व संस्कृति का गुणगान करते नहीं थकते. यह सब हमें ऐसे ही नहीं मिला है. हमारे पहाड़ों को बचाने के लिए हमारे बड़बाज्यू, बूबू, आमा, काक... Read more
पहाड़ी संस्कृति को अन्तराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले मोहन उप्रेती की पुण्यतिथि है आज
1955 का साल था. दुनिया में शीतयुद्ध की हवा गर्मा रही थी. भारत के दौरे पर सोवियत रूस के दो बड़े नेता आये और भारत और सोवियत रूस के बीच संबंधों का एक नया अध्याय लिखा जाना था. रूस से आये दो मेहम... Read more
ओ परुआ बौज्यू की गायिका वीना तिवारी
यदि उत्तराखंड और विशेषरूप से कुमाऊं अंचल की बात करूं तो यहां की सर्वाधिक पसंदीदा फीमेल वाइस नईमा खान उप्रेती, वीना तिवारी और कबूतरी देवी रही हैं और इन सभी गायिकाओं ने अपनी-अपनी कर्णप्रिय आवा... Read more



























