घमंडी पिता और उसकी सीख
हिमालय की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गाँव था. पत्थर के घर, देवदार के जंगल और पास ही बहती ठंडी नदी; यही वहाँ की पहचान थी. उसी गाँव में एक किसान रहता था. मेहनती था, लेकिन उससे भी ज़्यादा... Read more
उपकोशा और उसके वर
उपकोशा और उसके वर वररुचि जब अपने गुरुओं व्यादि और इन्द्रदत्त के साथ विद्याध्ययन कर रहे थे, उसी समय एक दिन इन्द्रोत्सव के दौरान उनकी दृष्टि एक अत्यंत सुंदर युवती पर पड़ी. वह सौंदर्य में ऐसी थ... Read more
मेहनती भालू और चालाक सियार की लोककथा
हिमालय की घनी घाटियों और देवदार के जंगलों के बीच एक शांत इलाका था. वहाँ एक ताक़तवर भालू रहता था. उसका शरीर भारी था, आवाज़ गहरी और दिल सीधा-सादा. उसे जंगल के नियमों पर भरोसा था—जो मेहनत करे,... Read more
बहुत पहले की बात है. हिमालय की तलहटी में बसे एक घने जंगल और उसके पास बसे गाँवों में एक बंदर रहता था. उसका नाम था बहादुर पून. नाम के अनुसार वह सचमुच बहादुर तो था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताक़त उ... Read more
एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
पुराने समय की बात है. हिमालय की तराइयों और पहाड़ी रास्तों से होकर जाने वाले एक लंबे पैदल मार्ग पर तीन मुसाफ़िर सफ़र कर रहे थे. तीनों अलग-अलग जगहों से आए थे, लेकिन मंज़िल कुछ समय के लिए एक ही... Read more
सियार और बाघिन: आदर्श पति की कहानी
बहुत समय पहले, पहाड़ों और जंगलों से घिरे एक इलाके में एक शक्तिशाली बाघ और उसकी बाघिन अपने तीन बच्चों के साथ रहते थे. बाघ पूरे जंगल में अपने साहस और बल के लिए प्रसिद्ध था. सभी जानवर उसका... Read more
कैसे बसी पाटलिपुत्र नगरी
हमारी वेबसाइट पर हम कथासरित्सागर की कहानियाँ साझा कर रहे हैं. इससे पहले आप “पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप” और “पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद” कहानियाँ पढ़ चुक... Read more
पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद
आपने यह कहानी पढ़ी “पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप“. आज की कहानी में जानते हैं पुष्पदंत के साथ आगे क्या हुआ. श्राप के कारण, पुष्पदंत धरती पर वररुचि (जिन्हें कात्यायन भी कहा... Read more
चतुर कमला और उसके आलसी पति की कहानी
बहुत पुराने समय की बात है, एक पंजाबी गाँव में कमला नाम की एक स्त्री रहती थी. उसका पति, एक नाई, बहुत आलसी था. वह दिन भर चौराहे पर बैठकर गप्पें मारना पसंद करता था, लेकिन काम बहुत कम करता था. इ... Read more
पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप
महान हिमवत्, पर्वतों के राजा के रूप में प्रसिद्ध हैं और किन्नरों, गंधर्वों तथा विद्याधरों का निवास स्थान हैं. वे इतने महान हैं कि तीनों लोकों की जननी भवानी उनकी पुत्री के रूप में जन्मी थीं.... Read more


























