वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गई: पिथौरागढ़ महाविद्यालय में मेरा पहला दिन वर्ष 1979
पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्कथा : मुझे एक जगह आराम नहीं, रुक जाना मेरा काम नहीं डॉ मुन्ना भाई शाह अलमस्त से वह, जो पिथौरागढ़ महाविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष रहे और मुझे... Read more
गढ़वाल का शहर, दुगड्डा : रूह है पर आब उड़ गई
-भगवतीप्रसादजोशी , ‘हिमवन्तवासी ‘ यू.पी. में पुख्ता बुनियाद वाले जिला बिजनौर में नवाब नजीबुद्दौला द्वारा बसाए गए और दिल दिलेर मानिन्द शेर डाकू सुलताना के जन्म स्थान के रूप में म... Read more
“सम्यक् प्रकारेण विरोधाभावान् अपास्य समभावान् जीवनोपयोगिनः करोति इति संस्कृतिः” अर्थात संस्कृति वह है जो मानवता को विकृत करने वाले भावों को निरस्त करके उनके स्थान पर जीवनोपयोगी भावों को प्र... Read more
नराई होती नहीं, लगा करती है
सुवा कैं नराई लागी आंचली में फेड़ी- वियोगावस्था में आलम्बन के प्रति आश्रय के मनोगत भावों की यही सबल अभिव्यक्ति साहित्य की अनमोल धरोहर है. सुवा अर्थात प्रेयसी (प्रेयसी और प्रियतम दोनों के लिए... Read more
हर शुभ की पहचान गेरू और बिस्वार की जोड़ी गायब है
पहाड़ में कोई भी त्यौहार हो पारम्परिक कुमाऊनी घर गेरू की भिनी सुगंध से सरोबार हो जाया करते. एक समय ऐसा भी था जब दिवाली के समय के समय गेरू और बिस्वार की जोड़ी से सजे घर कुमाऊं की अपनी पहचान ह... Read more
आज पंडित नैनसिंह रावत का जन्मदिन है
तिब्बत का पहला भौगोलिक अन्वेषण करने वाले उन्नीसवीं शताब्दी के महानतम अन्वेषकों में से एक माने जाने वाले मुनस्यारी की जोहार घाटी के मिलम गाँव के निवासी पंडित नैनसिंह रावत के बारे में लेख काफल... Read more
रं समाज की वार्षिक मीटिंग की तस्वीरें
कई सदियों से उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ों और अत्यधिक कठिन परिस्थितियों और हिमालय के प्रेम और गुस्से के बीच कुछ लोग अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं. हिमालय के इतने नजदीक इतनी दुरूह परिस्थितियों... Read more
पर्वतीय क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की व्यवस्था ख़त्म करने को उत्तराखण्ड सरकार तैयार
आखिर उत्तराखण्ड सरकार राज्य में राजस्व पुलिस की व्यवस्था समाप्त करने को राजी हो ही गयी. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैबिनेट की बैठक का ब्यौरा पेश करते हुए कहा कि वह उत्तराखण्ड हाई कोर्ट के 20... Read more
‘सोना की नथ’ एक पहाड़ी लड़की की कहानी
उसका नाम सोनी था और लोग प्यारवश उसे सोना कहते. बचपन से ही उस के सौंदर्य को देख लोग कहा करते- किसी सेठ घराने में ही ब्याही जाएगी जहाँ दस तोले की नथ पहन सके.(Sona Uttarakhand Stories) और ज्यों... Read more
आर. के. नारायण की कहानी ‘बीवी छुट्टी पर’
कन्नन अपनी झोपड़ी के दरवाजे पर बैठा गाँव के लोगों को आते-जाते देख रहा था. तेली सामी अपने बैल को हाँकता सड़क से गुजरा. उसे देखकर बोला- आज आराम करने का दिन है? तो शाम को मंटपम में आ जाना. कई औ... Read more


























