बावड़ी नौला वाव अल्मोड़ा
–रानी की वाव!–व्हाट? वाव? मैं भाषा में भटकता हूं… संस्कृत में एक शब्द है वापी. वापी यानी जलाशय या कुआं. मनुस्मृति का एक श्लोक मिलता है– तडागान्युदपानानि वाप्यः प्रस्रवणानि च ।सीमासन्धि... Read more
गुरुजी का पहला और आखिरी लाइव
“क्या आपको मेरी आवाज़ आ रही है? क्या मैं दिखाई दे रहा हूँ?” गुरुजी ने कहा. “आवाज़ तो आय रई है, पर दिख नहीं रहे गुर्जी. अकासबानी टाइप हुई रई.” बृजेन्द्र बिरजू ने लिखा. “मैं... Read more
उत्तराखण्ड में थिएटर में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. ‘काफल ट्री फाउंडेशन’ और ‘द शक्ति ऑनसेम्बल’ द्वारा हल्द्वानी में 12 दिसंबर 2022 से 15 दिन की थिएटर वर्कशॉप का आयोजन किया... Read more
अद्भुत व आश्चर्यजनक नेपाल में मुक्तिनाथ
मुक्तिनाथ मंदिर झोंग खोला घाटी के शीर्ष में स्थित है. यही झोंगखोला घाटी सामान्यतः मुक्तिनाथ घाटी के नाम से अपनी अलग पहचान बनाती है. झोंगखोला और काली गँडकी नदी के मध्य में जॉमसोम से आधे दिन क... Read more
पिथौरागढ़ के कैलाश कुमार को वर्ष 2021 के लिए निर्देशन क्षेत्र में ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार’ दिया जायेगा. ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार’ संगीत नाटक अकादमी द्वारा कला के व... Read more
आज से 60-70 वर्ष पूर्व हमारी पीढ़ी के लोगों ने कुमाऊँ की पावन भूमि के जिस सांस्कृतिक वातावरण में प्रथम श्वास ली थी तथा किंचित् होश संभालने के साथ ही जिन परम्परागत सांस्कृतिक तत्त्वों को अपने... Read more
पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ की कहानी जल्लाद
प्रातः आठ साढ़े आठ बजे का समय था. रात को किसी पारसी कम्पनी का कोई रद्दी तमाशा अपने पैसे वसूल करने के लिए दो बजे तक झख मार-मार कर देखते रहने के कारण सुबह नींद कुछ विलम्ब से टूटी. इसी से उस दि... Read more
आजकल मनाया जा रहा है मंगसीर बग्वाल
दीपावली के ठीक एक माह बाद जो दीपावली आती है उसका नाम है मंगसीर बग्वाल. इसे उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र में सम्पूर्ण जनपद उत्तरकाशी, रवाईं जौनपुर, देहरादून जौनसार क्षेत्र टिहरी के थाती, कठू... Read more
नवम्बर की गुलाबी धूप और माल्टा
देश और दुनिया के लोगों के दिमाग में माल्टा शब्द सुनकर यूरोपीय देश का ध्यान आता है. पर एक असल पहाड़ी ‘माल्टा’ सुनकर महसूस करता है गुनगुनी धूप और एक रसीला फल. नारंगी रंग का रसदार माल्टा जिसका... Read more
ज्ञानरंजन की कहानी ‘अनुभव’
1970 की गर्मियों का प्रारंभ था. गंगा के मैदान में गर्मियों के बारे में सभी जानते हैं. यहाँ पर मौसम का विशेष कुछ तात्पर्य नहीं है सिवाय इसके कि एक लंबे अंतराल के बाद मैं अपने शहर में लौट आया... Read more


























