गोल पहाड़ी की खांडेश्वरी देवी : मालदेवता, बनगांव
यात्रायें जीवन की तलाश हैं और इस तलाश का हासिल गतिमान होकर उस छोर को पकड़ना है जो चेतना के किसी स्थिर बिंदु पर आनंद व प्रकाश की अनुभूति प्रदान करता है. यात्राओं के दौरान चेतना सजग और जागृत ह... Read more
मनकामना देवी का मनोहारी तीर्थ
भक्तों के मन की इच्छा पूरी करने वाला देवी भगवती का मंदिर ‘मनकामना को चिनो’ मनकामना मंदिर नेपाल का एक मुख्य शक्ति पीठ है. यह काठमांडू से चंद्रागिरि, बेनिघाट, चरंडी, कुरियन घाट होत... Read more
गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी उत्तराखण्ड की झांकी
गणतंत्र दिवस परेड-2023 के लिए उत्तराखण्ड राज्य की झांकी का अंतिम चयन हो गया है. सूचना विभाग द्वारा मानसखण्ड पर आधारित झांकी प्रस्तावित की गई थी. भारत सरकार द्वारा अंतिम रूप से इस बार नई दिल्... Read more
स्मृति द्वार पर प्रेम की सांकल
जब हमारे घर में एक किराएदार की तरह लीज़ा आई थीं तब वह गर्भिणी थीं. पति फौज में हैं उनके इसलिए ऐसा मकान चाहते थे कि अगर कभी भी सीमा पर या फिर किसी आपात स्थिति में बाहर जाना पड़े तो लीज़ा को क... Read more
पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच का इतिहास
हल्द्वानी शहर में विभिन्न सांस्कृतिक टोलियों के साथ बागेश्वर, सालम, जागेश्वर आदि स्थानों से पारम्परिक वाद्ययन्त्रों के साथ कलाकारों को आमंत्रित किया गया. एक बात यहां ध्यान देने की यह भी है क... Read more
हल्द्वानी में नाट्य प्रस्तुतियों ने बाँधा समां
सर्द मौसम में ‘इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल,’ काठगोदाम के हॉल के माहौल में तपिश का अहसास था. इस गर्मी की वजह थी वे नाट्य प्रस्तुतियां जिन्हें नन्हे और युवा कलाकार अंजाम दे रहे थे. कलाकार... Read more
जानलेवा जोख़िम की ज़द में जोशीमठ
सरकारी ऐलान है कि जोशीमठ (उत्तराखंड) को अब ज्योतिर्मठ कहा जायेगा. आपका हुक्म सर आंखों पर, सरकार. आप वह सब बखूबी करते हैं जो आप कर सकते हो और करना चाहते हो. इसमें कोई कसर नहीं छोड़ते. पर वह स... Read more
नेपाल में मुस्तँग : सीमित बसासत असीम जैव-विविधता
उत्तरी नेपाल के सुदूरवर्ती गँड़की प्रान्त में उत्तर की ओर फैले हिमालय में जहां आठ हजार मीटर ऊँचे अन्नपूर्णा व धौलागिरी के शिखर हैं तो दूसरी ओर रूखे वनस्पति विहीन होते जाते तिब्बती पठार जिनके... Read more
कुमाऊनी कहानी : जाग
पिरमूका दस्तनि स्वेर हाली. चारै दिन में पट्टै रै गयी. भ्यार भितेर जाण में घुनन में हाथ धरनयी. दास बिगाड़नि में के देर न लागनि. पोरू नानतिनन मांसाक बेड़ी र्वाट बणाई भा. पिरमूकाक मासाक बेडी र्... Read more
लोक कथा : सौतेली माँ
एक दिन एक ब्राह्मण ने अपनी पत्नी को अपने बिना खाना खाने से मना किया ताकि कहीं ऐसा न हो कि वह बकरी बन जाये. इसके जवाब में उसकी पत्नी ने भी उससे यही कहा कि वह भी उसके बिना खाना नहीं खायेगा ताक... Read more


























