हिमाचल की पहाड़ियों में ज्वाला माई
हिमाचल प्रदेश की सुरम्य पहाड़ियों में कांगड़ा जिले में स्थित है ज्वालामुखी का पवित्र तीर्थ जहां पठानकोट से लगभग तीन घंटे और कांगड़ा से दो घंटे की बस यात्रा कर पहुंचा जाता है. पंजाब से जिला ह... Read more
उत्तराखंड में मौजूद हैं 69 शत्रु संपत्ति
हाल ही में केंद्र सरकार ने देश भर में मौजूद शत्रु संपत्ति को कब्जों से मुक्त कराने की मुहिम शुरू कर दी है. केंद्र सरकार द्वारा जारी एक सूची के अनुसार देशभर में कुल 1941 शत्रु संपत्ति चिन्हित... Read more
मेरे बुबू के क़िस्से
अपने पैरों को बड़ों के जूतों में डालते हुए मैं रेजर पर हाथ आजमाने के बारे में सोचता. मै समझने लगा था कि चाचा चौधरी और विक्रम-बेताल की कॉमिक्स बस दिल बच्चों का दिल बहलाने के लिए हैं. यह भी कि... Read more
एक लेखक से मुलाकात
यूं तो मुझे दर्जनों लेखकों से मुहब्बत है, लेकिन शंभू राणा, अशोक पांडे और अनिल यादव उनमें विरले कहे जाएंगे. आज तक मैंने जिन भी दिल को छू लेने वाले लेखकों को पढ़ा, उनमें ज़्यादातर से मुलाकात न... Read more
अतिक्रमण की भूल भुलैया में गूजर
पहाड़ी इलाकों में आबादी के बसाव का अवलम्बन क्षेत्र हैं – जंगल, जहां से स्थानीय ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरुरत के लिए घास, लकड़ी व अन्य उत्पाद प्राप्त करते रहे हैं.इसके साथ ही इस वन क्षेत्र म... Read more
According to the Kailash Sanhita of Shiva Purana, Ishana was born from Shiva, and five Mithuns/elements: sky, air, fire, water, and earth emerged from Ishana. These five elements are known a... Read more
कल गंगा दशहरा है
इस वर्ष गंगा दशहरा 30 मई के दिन पड़ रहा है. पहाड़ों में इसे दसार या दसौर भी कहते हैं. इस दिन कुमाऊं क्षेत्र के हिस्सों में घरों के मुख्य दरवाजों के ऊपर और मंदिरों में गंगा दशहरा पत्र लगाया ज... Read more
कुमाऊनी शैली में दोहे
मौखिक होने के कारण लोकगीत परपंराओं की अनेक चीजें अछूती रह जाती हैं. मसलन कुमाऊनी लोकगीतों के दौरान में कहे जाने वाले दोहे. अक्सर ऐसा देखने को मिलता है जब लोक कलाकार छबीली या अन्य लोकगीत गाते... Read more
पहाड़ ठंडो पानी, सुण कति मीठी वाणी
पिछले दो दशक में कुमाऊं में होने वाली मंचीय प्रस्तुत में गाया जाने वाला एक है – पहाड़ ठंडो पानी. स्कूल कालेज के मंच हों या राजनीतिक सामजिक मंच इस गीत को अनेक कलाकार गा चुके हैं. इस गीत को लि... Read more
रंवाई के उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट नगरपालिका के अन्तर्गत यमुना नदी के तट पर बसा हुआ एक स्थान है तिलाड़ी जो अपने नैसर्गिक सौंदर्य और सघन वन संपदा के लिए प्रसिद्ध है किंतु दुख कि बात है कि तिला... Read more


























