उत्तराखण्ड में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
सामान्यतः जलवायु चक्र में दीर्घकालिक परिवर्तन जलवायु परिवर्तन कहलाता है. जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय में विश्व समुदाय के समक्ष एक बड़ी चुनौती के रूप मे उभरा है. यह एक व्यापक चुनौती है जिसके... Read more
छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : तुझको पुकारे मेरा संसार…
पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : लम्बी सी डगर न खले प्राचार्य का अर्दली तारा विभाग में आया और बड़ी कॉन्फिडेंसियल मुख मुद्रा में उसने फुसफुसाती आवाज में मुझे बताया कि साहिब ने बुलाया है अभ... Read more
गुप्तकाशी के देवर गांव का सहज जनजीवन
हम शंकित हैं कि इससे पहले सांझ सूरज को अपने पल्लू में ढांपकर सुला दे या फिर बारिश दोनों को ही गीलेपन का जाज़िम ओढ़ा दे. हमसे कैंप में कहा गया है कि हम देवर गांव होकर आ जायें. दरअसल बारिशें ब... Read more
सब है यहां दिल के शहज़ादे ये है देश कुमाऊं
उत्तराखंड की खूबसूरती से हर कोई परिचित है देश-विदेश के लोग यहां की नैसर्गिक सुंदरता से आकर्षित होकर यहां घूमने आते हैं. हिंदी सिनेमा जगत भी यहां के आकर्षण से बच नहीं पाया है. हिंदी सिनेमा के... Read more
एआई को चौथी औद्योगिक क्रान्ति कहा जाना
‘बेथ शैलोम’ संस्था की संस्थापक मरीना स्मिथ की पिछले बरस यानी दो हज़ार बाईस के जून महीने में मृत्यु हो गयी. मरीना स्मिथ पिछले कई बरसों से होलोकॉस्ट में ज़िंदा बच गए लोगों के साथ काम करती रही... Read more
आँछरी
भागीरथी के पार साँझ की रोशनी में बियाबान जंगलों का शोर अब खामोशी से रात की देहरी पर दस्तक देता जा रहा था. राक्षस ने अपने गिलास में भरकर शराब को एक ही घूँट में खाली कर दिया. डील-डौल और कद्दाव... Read more
व्यापारिक केन्द्र की शक्ल में उभरता कैंची धाम
पांच दशक पूर्व तक ख्यातिप्राप्त कैंचीधाम महज 10-15 परिवारों का एक छोटा सा गांव हुआ करता था. तब बाहरी व्यक्ति जब इस गांव का नाम सुनता तो हैरत में पड़ जाता. कैंची – यह भी भला किसी गांव का नाम... Read more
पिथौरागढ़ पहुंचेगा किताब कौथिग का कारवां
यह किसने कल्पना की थी कि कभी किताब और कौथिग का मेल हो सकता है. एक-दूसरे से विपरीत प्रकृति के दो शब्दों ने एक अभिनव पहल का सृजन किया है जिसे प्रदेश भर के लोग ‘किताब कौथिग’ नाम से जानते हैं.(P... Read more
कुमाऊं में वह जगह जहां कुंभकर्ण का सिर रखा गया
वर्तमान चम्पावत क्षेत्र चंद शासन काल में काली कुमाऊं नाम से जाना जाता था. गोरखा और चंद काल में इसमें खिल पित्तीफाट, गुमदेश, गंगोल, चालसी, चाराल, पाल-बिनौल, फड़का-बिसज्यूला, बिसुंग, सिप्टी, स... Read more
अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तराखंड में कई ऐसे स्थान हैं जो रहस्यमयी कहलाने लगते हैं. आस्थावान इसे चमत्कार मानते हैं और अन्य वैज्ञानिक पहलू पर जोर देते हैं. चमत्कार और रहस्य से जुड़ी ऐसी ह... Read more


























