हल्द्वानी के कर्नल ठुस्सू और उनकी दी हुई सीख
कर्नल ठुस्सू कर्नल ठुस्सू – इनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता. सिवाय इनके हास्यास्पद नाम, पदनाम, पैनी नज़र और हिंदी बोलने के ढंग के, जो किसी भी गैर-हिन्दी भाषी व्यक्ति का हो सकता है. ज्... Read more
आदियोग फाउंडेशन वाली मानसी जोशी से मिलिए
देश भर में हाल के वर्षों में आई महिला जागृति की लहर उत्तराखंड में भी देखी जा सकती है. अनेक महिलाओं ने यहाँ स्वरोजगार के नए नए रास्ते निकाले हैं और न केवल स्वयं को स्वावलंबी बनाया है अपने आसप... Read more
सोशल मीडिया पर बीते एकाध दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है. (Uncontrolled Tourism in Kedarnath) पृष्ठभूमि में केदारनाथ धाम की गरिमामय छवि है और उसके ठीक पीछे हरे पहाड़ों पर बर्फ. वीडियो ऑन क... Read more
बुग्यालों से होते हुए मुनस्यारी तक का ट्रेक और पांगती मास्साब का म्यूजियम
गोगिना से नामिक गांव होते हुए मुनस्यारी- 2 पिछली कड़ी : बागेश्वर के गोगिना से नामिक गांव की यात्रा के बहाने पहाड़ का जन-जीवन सुबह नाश्ते में योगेश की फरमाइश पर पराठों का भोग लगाकर हम अपने अगले... Read more
1955-56 की एक काव्य संध्या में देव साहब ने नीरज को सुना. उनकी कविता उन्हें इतनी भायी कि उन्होंने नीरज के सामने सीधे प्रस्ताव रख डाला, अगर कभी फिल्मी गीत लिखने का मन हो, तो मैं आपके साथ काम क... Read more
फादर्स डे स्पेशल: मंगलेश डबराल की कविता
पिता की तस्वीर मंगलेश डबराल पिता की छोटी छोटी बहुत सी तस्वीरें पूरे घर में बिखरी हैं उनकी आँखों में कोई पारदर्शी चीज साफ चमकती है वह अच्छाई है या साहस तस्वीर में पिता खाँसते नहीं व्याकुल नही... Read more
फादर्स डे स्पेशल: चंद्रकांत देवताले की कविता
दो लड़कियों का पिता होने से -चंद्रकांत देवताले पपीते के पेड़ की तरह मेरी पत्नी मैं पिता हूँ दो चिड़ियाओं का जो चोंच में धान के कनके दबाए पपीते की गोद में बैठी हैं सिर्फ बेटियों का पिता होने... Read more
इन दिनों औली 200 करोड़ की शादी के चलते खबरों में है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का तो यहां तक बयान सुनने में आ रहा है कि यह शादी विश्व मानचित्र पर औली को स्थान देगी. कोई मुख्यमंत्री को जाकर बता... Read more
मेरी जाँ, मुझे जान ना कहो मेरी जाँ
(पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें) मेलोडेलिशियस – 7 ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं है. ये ज़ेहन की आवाज़ है. काउंट डाउन नहीं है ये कोई. हारमोनियम की ‘... Read more
गोगिना से नामिक गांव होते हुए मुनस्यारी- 1 बागेश्वर से हिमालय के साथ ही हरे-भरे बुग्यालों को जाने वाले कई रास्ते झरनों की तरह फूटते हैं. मंजिल तक पहुंचने तक ये रास्ते खूब थकाते तो हैं, लेकिन... Read more



























