ज्ञानरंजन की कहानी ‘छलांग’
श्रीमती ज्वेल जब यहाँ आकर बसीं तो लगा कि मैं, एकबारगी और एकतरफा, उनसे फँस गया हूँ और उन्हें छोड़ नहीं सकता. एक गंभीर शुरुआत लगती थी और यह बात यूँ सच मालूम पड़ी कि दूसरे साथियों की तरह, मैं ल... Read more
हीरे का हीरा : चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी
आज सवेरे ही से गुलाबदेई काम में लगी हुई है. उसने अपने मिट्टी के घर के आँगन को गोबर से लीपा है, उस पर पीसे हुए चावल से मंडन माँडे हैं. घर की देहली पर उसी चावल के आटे से लीकें खैंची हैं और उन... Read more
दो अक्टूबर का दिन उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के दौरान घटा सबसे क्रूर दिन था. अपने नेताओं के घड़ियाली आंसू देखते हुये अब तीन दशक होने को आये हैं पर उत्तराखंड के लोगों को न्याय न मिला. नेताओं द्व... Read more
काली कुमाऊँ का शेरदा
पिछले कुछ दिनों जैसा उदास और रूखा-सूखा दिन था. बारिश न होने के कारण मौसम खुश्क हो चला था. जनवरी का महीना ढलान पर था, लेकिन अभी से धूप में बैठना मुश्किल होता जा रहा था. मौसम की इस बेरुखी ने ल... Read more
अमेरिका में प्रोफेशनल क्रिकेट खेल रहे दाएं हाथ के बल्लेबाज उत्तराखंड के उन्मुक्त चंद ने एक बार फिर अपने बल्ले का दम दिखाया है. उनमुक्त चंद ने अमेरिका के सबसे बड़े टूर्नामेंट माइनर क्रिकेट ली... Read more
पहाड़ समेत पूरे विश्व में हिन्दू धर्म में आस्था रखने वालों के लिये इन दिनों पितृ पक्ष चल रहा है. पितृ पक्ष के सोलह दिनों में अपने मृत माता-पिता को याद किया जाता है इसे ही श्राद्ध कहा जाता है... Read more
आध मुन्स्यार+आध चिकसैरेदा = पुर संसार
आज समझ में आ रहा है कि आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने इतिहास को विधाता क्यों कहा होगा? हमारा यह विधाता क्या हमारी तरह का देहधारी है या अपरिभाषेय शक्ति-पुंज, जिसे रच लेने के बाद समझ पाना शायद... Read more
प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया की पहली पुण्यतिथि है आज
पिछले वर्ष आज ही के दिन हिमालय पुत्र प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया निधन हुआ था. प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया का जाना उत्तराखंड के लिये एक अभिभावक के जाने के समान था. आधिकारिक कागजों में उनका जन्मदिन 20... Read more
पारम्परिक दाल-भात बनाने का तरीका
आज मैं आपको पहाड़ के खानपान के बारे में बताता हूं. पहले मैं आपको यह बताता चलूं कि मैं पहाड़ी खानपान का कोई एक्सपर्ट नहीं हूं बस बड़े बुजुर्गों को खाना बनाते देखा या उनकी कही बातें सुनी या कि... Read more
कोट: उत्तराखंड में राजा महाराजाओं के प्राचीन किले
उत्तराखंड के कुमाऊं, गढ़वाल में बहुत से गाँव और ऐसी जगहें हैं जिनके पीछे “कोट” शब्द आता है. जिन गाँव के नाम के पीछे “कोट” शब्द जुड़ा है वे लगभग सभी ऊँचाई पर स्थित हैं. जहाँ से बहुत दूर-दूर त... Read more


























