डूबता शहर: टिहरी बांध बनने में शिल्पकार समाज के संघर्षों का रेखांकन करने वाला उपन्यास
साहित्यकार ‘बचन सिंह नेगी’ का मार्मिक उपन्यास ‘डूबता शहर’ “…शेरू भाई! यदि इस टिहरी को डूबना है तो ये लोग मकान क्यों बनाये जा रहे हैं. शेरू हंसा ‘चैतू! यही तो निन्यानवे का च... Read more
देश में कोरोना के नए रूप ओमीक्रोन के बढ़ते आंकड़ों ने फिर से सभी के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. इस नए स्वरूप के खतरे को रोकने के लिए केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारों ने एहतियाती कदम... Read more
स्पेन में हुई सीनियर बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2021 में कांस्य पदक अपने नाम करने के बाद बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन कल अपने गृह नगर अल्मोड़ा पहुंचे. अल्मोड़ा की जनता ने भी प्यारे स्टार प्लेयर... Read more
पहाड़ों में पलायन का मनोवैज्ञानिक पहलू
पहाड़ों के दर्द की एक पुरानी कहावत है “पहाड़ों की जवानी, मिट्टी औऱ पानी कभी पहाड़ों के काम नहीं आती”. आज भी उत्तराखंड की यही दशा औऱ दिशा बरकरार है. उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों... Read more
चम्पावत के सूखीढांग इंटर कॉलेज में सवर्ण छात्रों द्वारा दलित भोजन माता के हाथों बना मिड डे मील के बहिष्कार के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित तो हुआ ही इस मसले पर नए मोड़ सामने आ रहे हैं.... Read more
गांव के उन रास्तों पर अब कोई नहीं चलता
छोटी-छोटी सड़कों ने पहाड़ों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. इन सड़कों के कारण तमाम रास्ते बंद हो गए जो पहाड़ में समाज को जोड़ा करते थे. इन रास्तों से चलकर ही खुशी-गमी की खबरें एक गांव से दूसरे ग... Read more
पक्की सड़क से जुड़ चुका गांव अब गांव सा नहीं रहा
अब गांव, गांव सा नहीं रहा, गांव पक्की सड़क से जुड़ चुका है अंग्रेजी स्कूल खुल चुके हैं अब बच्चे नमस्कार प्रणाम भूल कर गुड मॉर्निंग कहने लगे हैं. खाना (ब्रेकफ़ास्ट -लंच-डिनर) में बदल चुका है.... Read more
छलिया नृत्य और उत्तराखंड एक दूसरे के पूरक बन चुके हैं. छलिया नृत्य जिसे हिन्दी में छोलिया नृत्य कहा जाता है उत्तराखंड का पारम्परिक नृत्य है. दो एक दशक पूर्व उत्तराखंड के समाज में होने वाली श... Read more
विपरीत परिस्थितियों में भी उत्तराखण्ड की कई महिलाओं ने राष्ट्रीय पटल पर सशक्त हस्ताक्षर किये हैं. इनमें से एक हैं चंद्रप्रभा ऐतवाल. चंद्रप्रभा 24 दिसंबर 1941 को उत्तराखण्ड के सीमान्त जिले के... Read more
आज पहाड़ के गांधी का जन्मदिन है
इन्द्रमणि बडोनी का जन्म टिहरी गढ़वाल जिले के अखोड़ी गांव (घनसाली) में 24 दिसम्बर 1924 को हुआ था. उनके पिताजी का नाम सुरेशानंद बडोनी और माँ का नाम कालू देवी था. यह एक बहुत ही गरीब परिवार था.... Read more


























