उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस
पिछली कड़ी यहां पढ़ें : उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ उत्तराखंड की स्थापना वर्ष 2000 में हुई, जहाँ राज्य के आर्थिक विकास हेतु किये जाने वाले प्रयासों में तदर्थ नीतियों का स... Read more
उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ
उत्तराखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक व पर्यावरणीय विशेषताएं इसे पारम्परिक व आधुनिक दोनों प्रकार की सेवाओं के लिए अत्यंत संभावनाशील राज्य बनाती हैं. यहां धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राकृतिक व रोमांचका... Read more
उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन की नई दिशा
उत्तराखंड जैसे संसाधन सीमित हिमालयी राज्य के लिए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि विकास का मूल आधार है. अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (ऐ जे एन आई ए... Read more
कुमाउनी शब्द सम्पदा की विपुलता, विविधता और सामर्थ्य के प्रसंग में लब्ध प्रतिष्ठित भाषा शास्त्रियों का मत है कि कभी-कभी तो हिंदी या अन्य भाषाएं इसका मुकाबला नहीं कर पाती. ऐसे में यह सन्दर्भ प... Read more
‘मनमोहन सिंह’ उम्मीदों से भरा सफर :
1991 से देश में आर्थिक क्रांति हुई जो निःसंदेह 1947 में नेहरू द्वारा की गई राजनीतिक क्रांति से कहीं अधिक असरदार थी. अस्सी के दशक में देश आतंरिक अस्थायित्व यानी बेरोजगारी और मुद्रा स्फीति के... Read more
ऐसे बीज बिछा रे, सुख चैन उगे दुख दर्द मिटे
पिछली कड़ी : डी एस बी के अतीत में ‘मैं’ डी एस बी मेरे लिए इसलिए भी खास बना रहा कि मेरा बचपन इसी की परिधि में बीता. वहीं घर था सरकारी, अंग्रेजों के समय का बना. टीन की छत, भीतर की तरफ लकड़ी लगी... Read more
डी एस बी के अतीत में ‘मैं’
तेरा इश्क मैं कैसे छोड़ दूँ? मेरे उम्र भर की तलाश है… ठाकुर देव सिंह दान सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनीताल यानी डीएसबी की यादें ऐसे खजाने से भरी हैं जिन्हें टटोलते मेरा मन... Read more
हो हो होलक प्रिय की ढोलक : पावती कौन देगा
दिन गुजरा रातें बीतीं और दीर्घ समय अंतराल के बाद कागज काला कर मन को चटक बना, होठों पे मुस्कान भर देने वाले गुदगुदी सम्राट ने यक्ष प्रश्न पूछा “पावती कौन देगा” प्रिय ने भेजी है.(P... Read more
कलबिष्ट : खसिया कुलदेवता
किताब की पैकिंग खुली तो आकर्षक सा मुखपन्ना था, नीले से पहाड़ पर सफेदी के स्ट्रोक, गाढ़े हरे पीले बसंती रंग के साथ लालिमा लिया अधेड़ सा एक पेड़ और उसके बगल में देवालय. इस परिदृश्य से उभरती हु... Read more
मुसीबतों के सर कुचल, बढ़ेंगे एक साथ हम
पिछली कड़ी : बहुत कठिन है डगर पनघट की ब्रह्मपुरी की बात चली थी उन दिनों उत्तराखंड के भूगोल पर वह गहरी जाँच पड़ताल कर रहे थे. मल्ली ताल से पाषाण देवी होते रोडवेज स्टेशन तक आते बूंदाबांदी तड़ात... Read more


























