पहाड़ में नीली क्रांति को समर्पित कुमकुम साह
पंडा फार्म पिथौरागढ़ में कभी कभार ताजी साग सब्जी खरीदने, अंडा मुर्गी लेने जाना होता. जर्सी नसल की गायों का दूध भी मिलता. यह चीजें मिलने का टाइम तय होता. सुबह और शाम. सारा माल बिलकुल ताज़ा और... Read more
गिर्दा: जनता के कवि की दसवीं पुण्यतिथि है आज
गिरदा भौतिक रूप से आज हमारे बीच में नहीं हैं एक शरीर चला गया लेकिन उनका संघर्ष, उनकी बात, उनके गीत, उनकी लोक नाटकों में उठाये गये मुद्दे और जो कुछ वह समाज को दे गये वह सारा कुछ हमेशा जनसंघर्... Read more
उत्तराखण्ड की मंदाकिनी-उपत्यका में आज से ठीक सौ साल पहले एक कवि जन्मा था जो सही मायने में हिमालय का सुकुमार कवि था. अल्पायु और छायावाद को अपनी कविता का प्रस्थान-बिंदु बनाने के कारण उनकी तुलन... Read more
पहाड़ की यादों को कैद करने वाला पिताजी का कैमरा
जिस आदमी ने ताज़िंदगी कलाई पर घड़ी न पहनी हो, अपने खरीदे रेडियो-टीवी में खबर न सुनी हो उस आदमी के पास भी कोई गैजेट रहा हो, क्या ये कहीं से सम्भव लगता है. पर ऐसा था. पिताजी के पास अपना एक कैम... Read more
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भूलती सरकारें : बागेश्वर से 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम सिंह चौहान की बात
आजादी के बाद से ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और शौर्य के नाम पर सरकारें हर साल 15 अगस्त को खूब वायदे करते आ रहे हैं लेकिन अब सरकारें उनकी बातें सुनना तो दूर उनकी सुध भी लेने में... Read more
सलाम त्रेपनदा! हरदम दिलों में रहोगे जिंदा
21 सितंबर 2014 को रविवार का वो दिन मेरे सांथ ही नागरिक मंच के सांथियों के लिए काफी चहल-पहल भरा था. साल में सितंबर के बाद महिने में किसी रविवार को मंच, अपने-अपने क्षेत्र में समाज के लिए निस्व... Read more
जनाज़े पर मिरे लिख देना यारो मुहब्बत करने वाला जा रहा है : राहत इंदौरी साहब को श्रद्धांजलि
यह सुनकर एकबारगी यकीन नहीं हुआ कि मोहब्बत के शायर राहत इन्दौरी दुनिया से रुख़सत हो गये. तकरीबन आधी सदी तक दिलों पर राज़ करने वाले अत्यंत मुखर, प्रेमी और अभिभावक की भूमिका में प्राय: आगाह करन... Read more
कालू चूड़ी वाला : हल्द्वानी और आस-पास के गाँवों की बेटी-ब्यारियों की चलती-फिरती ज्वैलरी शॉप
वह समय आज की तरह हवा में जहर घोल देने वाला नहीं था. तभी तो आज से चार-पांच दशक पहले कालू चूड़ी वाला हल्द्वानी से लगे आस पास के दर्जनों गाँवों की सैकड़ों /हजारों बेटी-ब्यारियों का चलता फिरता ब्... Read more
कर्म ही पूजा है, दीवारों की शोभा बढ़ाती ये सूक्ति कई जगह देखी पर जब ज़मीन पर देखी तो वो सब भूल गया. मुनाफा यूं तो हर तिज़ारती बंदे के जेहन में होता है पर कुछ के लिए कस्टमर वास्तव में भगवान क... Read more
अल्मोड़ा के एक गाँव से बालीवुड की बुलंदियां तय करने वाले निर्मल पांडे के पांच यादगार किरदार
अल्मोड़ा के छोटे से गांव में पान बड़ैती में निर्मल पांडे का जन्म हुआ था निर्मल पांडे का. निर्मल पांडे जिनको बॉलीवुड आज भी नैनीताल का निर्मल नाम से बड़ी शिद्दत से याद करता है. अपनी अदाका... Read more


























