एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
पुराने समय की बात है. हिमालय की तराइयों और पहाड़ी रास्तों से होकर जाने वाले एक लंबे पैदल मार्ग पर तीन मुसाफ़िर सफ़र कर रहे थे. तीनों अलग-अलग जगहों से आए थे, लेकिन मंज़िल कुछ समय के लिए एक ही... Read more
इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक
हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के गांवों और कस्बों में जब कोई आगंतुक किसी पुराने घर या मंदिर के सामने ठहरता है, तो सबसे पहले उसकी दृष्टि जिस तत्व पर टिकती है, वह है – नक्काशीदार लकड़ी... Read more
विश्व के लगभग हर महाद्वीप में ऐसे व्यक्ति पाए जाते हैं जिन्हें बीमारी, संकट और मानसिक असंतुलन से निपटने का विशेष अधिकार दिया जाता है. मानवशास्त्र में इन्हें सामान्यतः शामन कहा जाता है. साइबे... Read more
सियार और बाघिन: आदर्श पति की कहानी
बहुत समय पहले, पहाड़ों और जंगलों से घिरे एक इलाके में एक शक्तिशाली बाघ और उसकी बाघिन अपने तीन बच्चों के साथ रहते थे. बाघ पूरे जंगल में अपने साहस और बल के लिए प्रसिद्ध था. सभी जानवर उसका... Read more
क्या आप जानते हैं कि मानसरोवर झील का उल्लेख हमारे प्राचीन ग्रंथों में कितनी बार और किन-किन संदर्भों में आता है? क्या यह केवल एक भौगोलिक झील है, या भारतीय परंपरा में इसका अर्थ कुछ और भी है? औ... Read more
कैसे बसी पाटलिपुत्र नगरी
हमारी वेबसाइट पर हम कथासरित्सागर की कहानियाँ साझा कर रहे हैं. इससे पहले आप “पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप” और “पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद” कहानियाँ पढ़ चुक... Read more
पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद
आपने यह कहानी पढ़ी “पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप“. आज की कहानी में जानते हैं पुष्पदंत के साथ आगे क्या हुआ. श्राप के कारण, पुष्पदंत धरती पर वररुचि (जिन्हें कात्यायन भी कहा... Read more
चतुर कमला और उसके आलसी पति की कहानी
बहुत पुराने समय की बात है, एक पंजाबी गाँव में कमला नाम की एक स्त्री रहती थी. उसका पति, एक नाई, बहुत आलसी था. वह दिन भर चौराहे पर बैठकर गप्पें मारना पसंद करता था, लेकिन काम बहुत कम करता था. इ... Read more
पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप
महान हिमवत्, पर्वतों के राजा के रूप में प्रसिद्ध हैं और किन्नरों, गंधर्वों तथा विद्याधरों का निवास स्थान हैं. वे इतने महान हैं कि तीनों लोकों की जननी भवानी उनकी पुत्री के रूप में जन्मी थीं.... Read more
डुंगरी गरासिया-कवा और कवी: महाप्रलय की कथा
यह कहानी है बहुत पुराने जमाने की, जब जंगल घने हुआ करते थे और उनमें भालू, भेड़िये, शेर, चीते, सियार और जंगली सूअरों का बसेरा था. ये जानवर जंगली जरूर थे, पर सिर्फ जीवन-यापन के लिए शिकार करते थ... Read more



























