सार संसार एक मुनस्यार
मुनस्यारी को जानने के लिए इसके नाम का अर्थ जान लेना ही काफी है. मुनस्यारी का मतलब है ‘बर्फ वाली जगह’. अपने नाम के ही अनुरूप मुनस्यारी को उसकी खूबसूरती और आबोहवा के कारण ‘सार संसार एक मुनस्या... Read more
गाय आगे से ऑक्सीजन छोड़ रही है बत्तख पीछे से
पंतनगर में रहने वाले ललित सती लम्बे समय से अनुवाद कार्य से जुड़े हैं. सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति उल्लेखनीय है. काफल ट्री के लिए नियमित लिखेंगे. जीडीपी हमारी बहुत बढ़ गई है. पत... Read more
अर्बन नक्सल बनाम उदारीकरण
भीमा कोरेगांव मामले में लम्बे समय बाद हाल ही में गिरफ्तार किये गए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, दलित कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारियों के दिन से ही एक शब्द सोशल मीडिया में लगातार गूंज... Read more
मानसून में कोहरा और पहाड़ – फोटो निबंध
अल्मोड़ा, डीनापानी, देवीधूरा, सिमतोला और नैनीताल से इस साल के मानसून पर यह लाजवाब ब्लैक एंड व्हाईट फोटो निबंध तैयार किया है हमारे फोटोकार-स्तम्भकार जयमित्र सिंह बिष्ट ने. जयमित्र सिंह बिष्ट अ... Read more
कई वर्ष बाद आज गांव-घर आने का मौका मिला है. अब घर के नीचे खेतों तक मोटर रोड पहुंच चुकी है. यहां से उस पार, दूर पहाड़ पर माचिस की डिबियों-सी ओखलकांडा इंटरकालेज की इमारतें दिखाई दे रही हैं, उनस... Read more
यह है नैनीताल की लोअर माल रोड की हकीकत
नैनीताल की लोअर माल रोड के एक हिस्से के धंस जाने की खबर पुरानी पड़ती जा रही है. इस दुर्घटना के बाद से ही इसे और इस बहाने नैनीताल को बचाना शासन और कोर्ट-कचहरी से लेकर वैज्ञानिकों और नीतिनिर्मा... Read more
आई ज़ंजीर की झनकार ख़ुदा ख़ैर करे
दुनिया में कामयाबी के लिए काबिलियत होना जितना जरुरी है उतना ही जरुरी किस्मत का होना भी है. कभी-कभी जिंदगी कितना हैरान करती है! किसी को पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद भी वो मक़ाम हासिल नहीं होत... Read more
तर्क नहीं धारणा से पलता है हमारा समाज
घोषित तौर पर स्वच्छता और शौचालय वर्तमान सरकार का प्राथमिक एजेंडा है. इस पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता रहा है. यह इसके बावजूद है कि कई अन्य बुनयादी क्षेत्रों के साथ-साथ निरक्षरता और अशिक्षा भा... Read more
हमारे यहां सड़क पर बाएं ही क्यों चलते हैं?
दिन में तारे कहाँ जाते हैं? रात को सूरज कहाँ जाता है? पुलिस खाकी वर्दी क्यों पहनती है? साबुन में झाग क्यों बनता है? पत्ते हरे क्यों होते हैं? बादल में पानी कौन भरता है? आदि बाल जिज्ञासा से ज... Read more
गीतकार शैलेन्द्र को याद करने का दिन है आज
30 अगस्त 1923 को रावलपिंडी में जन्मे थे गीतकार शंकर शैलेन्द्र. उनका मूल गांव धुसपुर बिहार के आरा जिले में पड़ता है. उनके पिता केसरीलाल राव रावलपिन्डी के ब्रिटिश मिलिट्री हस्पताल में ठेकेदारी... Read more


























