कॉलम

लोककथा : भाई भूखा था, मैं सोती रही

चैत्र का महीना शुरू हो गया था. सभी ब्याहताओं की तरह वह भी अपने भाई का रस्ता देखने लगी. भाई…

4 years ago

कल है फूलदेई

प्रकृति की गोद में पलने और बढ़ने वाले पहाड़ियों का पर्व फूलदेई है कल. पहाड़ियों का जीवन में प्रकृति का…

4 years ago

लोक कथा : दिन दीदी रुको-रुको, अभी रुक जाओ

जाने कैसा भाग बदा था उस बहू का जो ऐसी दुष्ट सास मिली. बहू जितनी सीधी-सादी, निश्छल व सरल स्वभाव…

4 years ago

लोककथा : इजा! बस तीन पतली-सी रोटियाँ

बहुत पुरानी बात है. उस पहाड़ी गाँव में एक लड़की रहती थी. माँ के अलावा उसका इस दुनिया में कोई…

4 years ago

जाखन : नवीन कुमार नैथानी की कहानी

जाखन नाम की वह नदी सौरी के लोगों को सपनों में बहती हुई दिखाई पड़ती थी. उनके सपनों के बाहर…

4 years ago

जलवायु परिवर्तन की रपट

आईपीसीसी अर्थात "इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज" की चिरप्रतीक्षित रपट के जारी होने से विश्व भर में जलवायु परिवर्तन के…

4 years ago

न्यौली चिड़िया से जुड़ी कुमाऊनी लोककथा

पहाड़ की बाखलियों के आस-पास इन दिनों न्यौली चिड़िया का बोलना खूब सुनाई देना शुरु हो गया. उदासी, करुणा और…

4 years ago

समझना मुश्किल है पहाड़ की औरत के एक दिन का हिसाब-किताब : विश्व महिला दिवस

गांव जाता था तो मुझे मां जैसी ही ताई, चाची, दीदी, बुआएं भी लगती थीं. मैं हैरान होता था कि…

4 years ago

जब ‘बुरांश’ को अमेरीकी महिलाओं ने अपना राज्य पुष्प चुना

https://www.youtube.com/embed/bgdAS9mCpEQ महिलाओं को वोट मिलने के अधिकार से पहले 1892 में वाशिंगटन की महिलाओं ने अपने राज्य पुष्प के चयन…

4 years ago

दुनिया की सबसे प्रभावशाली चीज : कुमाऊनी लोककथा

किसी समय एक राजा हुआ करता था. राजा ने अपनी राजधानी के चारों दरवाजों पर गुप्तचर तैनात किये थे. वहां…

4 years ago