फूल, तितली और बचपन
बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि बचपन की दुनिया ख्यालों और ख्वाबों से भरी होती है. मेरी बचपन की दुनिया भी बहुत खूबसूरत हुआ करती थी. (Flowers Butter... Read more
कथा दो नंदों की
उपकोशा की चतुराई, धैर्य और विवेक से भरी कथा के बाद अब कथा एक नए मोड़ पर पहुँचती है. यह वह समय है जब विद्या, योग और सत्ता; तीनों एक, दूसरे से टकराते हैं. इस खंड में हम देखते हैं कि कैसे व्याक... Read more
माँ! मैं बस लिख देना चाहती हूं- तुम्हारे नाम
आज दिसंबर की शुरुआत हो रही है और साल 2025 अपने आखिरी दिनों की तरफ बढ़ रहा है. पेड़ों के पत्तों की एक कहानी पूरी होने को है. पर मैं जो कहानी बताने जा रही हूं. इसकी शुरुआत आज से पाँच साल पहले... Read more
“.. बहुत हुआ हे इष्ट देबो, जिन्होंने मेरे परिवार के साथ अन्याय किया, उनको अब तू ही समझना… गोल्ज्यू मेरा इंसाफ़ करना, तुम्हारे मंदिर में अर्ज़ी लगाने आ रही हूँ मैं…” माथे पर... Read more
मां, हम हँस क्यों नहीं सकते?
“मां, मेरे लिए सुधा मूर्ति की बुक आर्डर कर दो” बेटी भीतर आते ही बोली. “कभी अपने स्कूल की किताबें भी पढ़ लिया करो ” मैंने लापरवाही से जवाब दिया . “प्लीज मां, कर... Read more
जादुई बकरी की कहानी
बहुत समय पहले की बात है. एक राज्य में एक राजा और उसकी रानी रहते थे. उनकी एक ही बेटी थी — माया त्सारेना. लेकिन कुछ ही समय बाद रानी की मृत्यु हो गई. राजा ने दूसरी शादी की, पर नई रानी तो असल मे... Read more
जंगली बेर वाली लड़की ‘शायद’ पुष्पा
मुझे याद है जब मैं सातवीं कक्षा में थी. तब मेरी क्लास में एक लड़की पढ़ती थी. जिसका नाम “शायद” पुष्पा था. मुझे यह बात तो अच्छी तरह से याद है कि मैं सातवीं में ही पढ़ती थी. पर मुझे... Read more
तख़्ते : उमेश तिवारी ‘विश्वास’ की कहानी
सुबह का आसमान बादलों से ढका है, आम दिनों से काफ़ी कम आमदोरफ़्त है सड़क पर. दूर नज़र आती छोटा कैलाश पहाड़ी घनी धुंध से ढकी है, बमुश्किल, चोटी का छोटा हिस्सा दीख पड़ता है. सरसरी निगाह से दूकान... Read more
चेरी ब्लॉसम और वसंत
यहाँ धूप नहीं आती बस छाया है खिड़की के कोने से जो रोशनी आती है उस रोशनी में धूल के चमकीले कण नाचते से लगते है. जीवन बरबस बरस रहा है. (cherry blossom and spring) मेरे बचपन वाले घर के सामने एक... Read more
ऐपण बनाकर लोक संस्कृति को जीवित किया
छोटी मुखानी में हुई ऐपण प्रतियोगिता पर्वतीय लोक संस्कृति ऐपण कला को संरक्षित व उसको बढ़ाने के उद्देश्य से छोटी मुखानी में ऐपण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. विभिन्न वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता... Read more



























