हैडलाइन्स

सबकी नजरें उत्तराखंड के आकाश मधवाल पर

पिछले दो दिनों से सोशियल मीडिया में एक नाम ट्रेंड कर रहा है – आकाश मधवाल. आईपीएल में मुम्बई इंडियंस टीम के एक खिलाड़ी के रूप में जाना जाने वाला यह नाम आज मुम्बई इंडियंस टीम का सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी माना जा रहा है. 29 बरस के आकाश मधवाल ने अपने प्रदर्शन से कई सारे मिथक एक साथ तोड़ दिये हैं.
(Akash Madhwal Uttarakhand)

वर्तमान में रुड़की के ढंडेरा क्षेत्र में रहने वाले आकाश का मूल गांव अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में स्थित डूंगरा गांव है. अपनी नौकरी के चलते करीब तीस बरस पहले उनके पिता घाना नन्द रुड़की आकर बस गये. आकाश की पूरी शिक्षा यही से हुई. 24 वर्ष तक की उम्र तक आकाश ने केवल टेनिस बॉल से ही क्रिकेट खेला.

जब क्रिकेटर वसीम जाफ़र उत्तराखंड टीम के कोच थे तब आकाश के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया. आकाश 2018 में उत्तराखंड क्रिकेट टीम ट्रायल के लिये गये और टीम में चुने गये. कोच वसीम जाफ़र और मनीष झा के साथ आकाश नये रंग में निखरे. इससे पहले आकाश कोच अवतार सिंह थे. साल 2022-23 में ही मधवाल को व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उत्तराखंड का कप्तान बनाया गया.
(Akash Madhwal Uttarakhand)

मधवाल साल 2021 में आरसीबी में बतौर नेट बॉलर शामिल हुए. 2022 में वह मुम्बई इंडियंस से जुड़े. अपने आखिरी मैच में आकाश मधवाल के शानदार प्रदर्शन के बदौलत मुम्बई इंडियंस आज अपना सेमीफाइनल खेलेगी. आकाश मधवाल ने पिछले मैच में केवल पांच रन देकर पांच विकेट झटके. आज के मैच में एक बार फिर सभी नजरें आकाश पर ही होंगी.

आकाश मधवाल की माता आशा मधवाल ने बेटे की कामयाबी पर कुशी व्यक्त करते हुए कहा है कि इंजीनियरिंग के बाद बेटा नौकरी में लग गया था लेकिन क्रिकेट को लेकर उसका अलग जूनून था. वह बताती है कि कुछ साल पहले ही उत्तराखंड टीम ट्रायल के लिए 300 रूपये की फ़ीस भरने को आकाश का फोन आया था. मैंने उस समय हामी भर दी और आकाश खेलने लगा.
(Akash Madhwal Uttarakhand)

काफल ट्री फाउंडेशन

काफल ट्री का फेसबुक पेज : Kafal Tree Online

Support Kafal Tree

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

1 week ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

2 weeks ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

2 weeks ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

2 weeks ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 weeks ago