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युवाओं से जुड़े 10 ज्वलन्त मुद्दे जो किसी पार्टी ने अपने घोषणापत्र में शामिल नहीं किये

भारत में आम चुनाव हैं. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अपने-अपने घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं. लेकिन दोनों ने युवाओं से जुड़े कुछ ज्वलन्त मुद्दे छोड़ दिए हैं. युवाओं की इन मांगों को सामने रखते हुए उम्मीद की जा रही है कि राजनैतिक पार्टियां जल्द से जल्द इन्हें अपने घोषणा पत्र का हिस्सा बनायेंगी

1. फैमली वाट्सएप्प ग्रुप में छोड़ने वाले पर सरकार जुर्माना राशि तय करे. साथ ही गुड मॉर्निंग गुड नाइट जैसे मैसेज पर टैक्स वसूला जाय.

2. हम पंछी एक डाल के, यारों के यार, फ्रेंड्स फॉरएवर, चड्डी-बड्डी जैसे महान स्कूल कॉलेज वाट्सएप्प ग्रुप के एडमिन को पद्मश्री दिया जाय.

3. पब्जी में वेज खिलाड़ियों के लिए चिकन डिनर की तर्ज पर पनीर की कम तरी वाली सब्जी होनी चाहिए, महिला वेज खिलाड़ियों के लिए वेज मंचूरियन की व्यवस्था हो.

4. पासपोर्ट साईज फोटो के स्थान पर सेल्फी को दिया जाना चाहिये. बतख जैसा मुंह बनाने के लिये विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की जानी चाहिये.

5. डीआरडीओ की मदद से 16 से 40 साल तक के युवाओं के लिए शहरों में गुप्त सुट्टा पाइंट बनाये जाये जहां किसी भी पहचान वाले के दिखते ही युवा गायब हो जाय.

6. नौकरी लग गयी, कितना कमा लेते हो, शादी कब रहा है/रही है, बच्चा कब करोगे जैसे सवाल पूछने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा ठोका जाना चाहिये.

7. दारू पार्टी में बैठकर चखना सूतने वालों और दूसरों की सिगरेट का फिल्टर गीला करके पीने वालों के खिलाफ गैर-जमानती वारेंट इश्यू हों.

8. बियर का ढक्कन दांत से खोल सकने वाले करामाती लड़कों के लिये सरकार प्रतिवर्ष सम्मान समारोह आयोजित करे.

9. उबले अंडे और मैगी को राष्ट्रीय शाही बैचलर भोज घोषित किया जाय.

10. पापा की मार की धमकी पर लौकी और टिन्डे की सब्जियां जबरन खिलाने को क्रिमिनल आफेन्स में शामिल किया जाय.

देश की दोनों प्रमुख पार्टियों में युवाओं की इन ज्वलन्त समस्याओं को जो भी ध्यान में रखेगा चुनाव उसकी और मुड़ने की सौ प्रतिशत संभावना है.

– गिरीश लोहनी

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Girish Lohani

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