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उत्तराखंड: त्रिवेंद्र कैबिनेट की कई बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में देर शाम हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए. 10 करोड़ से अधिक और 50 करोड़ से कम लागत वाले मझोले उद्योगों को सरकार बड़ी राहत देने का फैसला लिया गया. प्रवाह शोधन सयंत्र (ईटीपी) लगाने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये या फिर लागत पर 30 प्रतिशत की रियायत मिलेगी. इसके साथ लीज पर भूमि देने के लिए नियमावली भी मंत्रिमंडल ने पारित कर दी है.

उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति सीजीएचएस दरों पर अनुमन्य कराये जाने का प्रस्ताव दिया. उत्तराखंड जनजाति कल्याण विभाग तकनीकी कर्मचारी संवर्ग सेवा नियमावली को मंजूरी दी गयी. सुरेंद्र सिंह नेगी बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य के खिलाफ जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के निर्णय को लेकर मंत्रिमंडल को सूचित किया गया.

लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियंता एवं अपर सहायक अभियंता सिविल, प्राविधिक, विद्युत और यांत्रिक की सेवा नियमावली में भर्ती का स्रोत और शैक्षिक अहर्ताएं संशोधित हुआ. पश्चिम बंगाल की डैरामैक्स डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम सिंगटाली पट्टी दोगी, टिहरी में पर्यटन व्यवसाय के लिए 0.187 हेक्टेयर भूमि शुल्क लीज पर आवंटित करने का फैसला लिया गया.

संस्कृत स्कूलों में पुस्तक खरीद पर प्रत्यक्ष लाभांतरण के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करवाने का अहम् फैसला भी लिया गया. कक्षा एक से पांच तक 117 छात्रों को 250 रुपये, कक्षा छह से आठ तक के 561 छात्रों को 400 रुपये, कक्षा नौ से दस तक के 1604 छात्रों को 600 रुपये और कक्षा 11 से 12 तक के छात्रों को 700 रुपये डीबीटी के माध्यम से मिलेगा.

पांचवें और छठे वेतन आयोग की परिधि में आने वाले कर्मचारियों का मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके अलावा नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश, डोईवाला क्षेत्र, एमडीडीए, जीएमवीएन को क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए 3.6 करोड़ की राशि जारी की गई है.

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