दूर पहाड़ों में बसे मेरे गांव में भी आ गया होगा वसंत. शायद इसीलिए कई दिनों से मेरा मन बेचैन है. महान प्रकृति विज्ञानी चार्ल्स डार्विन याद आ रहे हैं. अगर चिड़ियां उनकी बात समझ सकतीं तो तब वे... Read more
डाण्डी कांठी में बसन्त बौराने लगा है
भारतीय संस्कृति में नदी, पहाड़, पेड़-पौंधे पशु-पक्षी, लता व फल-फूलों के साथ मानव का साहचर्य और उनके प्रति संवेदनशीलता का भाव हमेशा से रहा है. प्रकृति और मानव के इस अलौकिक सम्बन्ध को स्थानीय... Read more
बसंत ऋतु आई गेछ फूल बुरूंशी जंगलो पारा
ठंड से ठिठुरते पहाड़ में लकदक पड़ी बरफ पिघलती है तो जबरदस्त कुड़कुड़ाट होता है. ह्युं पड़ते बखत तो चारों तरफ से घिर रहे बादल सब दिखने वाली चोटियों से लिपट जाते. एक गुम्म सी चुप्प लग जा... Read more
फुलदेई की फुल्यारी बसंत के रंग
फुलदेई, फुल्यारी के रंग फुलदेई का त्यौहार (Phool Dei Festival) उत्तराखण्ड में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है. जितने रंग बसंत के हैं उतने ही इस त्यौहार के भी. गढ़वाल मंडल (Garhwal) में यह त्य... Read more
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