सूखे आटे का स्वाद
Posted By: Kafal Treeon:
पिछली कड़ी – घुघुति-बासूती आज बारिश बहुत तेज है, सर्दियों में इतनी तेज बारिश पहाड़ों में कभी नहीं सुनी/देखी गई. लगातार तीन दिनों से इंद्रदेव शिवालिक पर्वत श्रेणी के इस क्षेत्र पर अपनी क... Read more
घुघुति-बासूती
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पिछली कड़ी – सासु बनाए ब्वारी खाए घुघूती-बासूती…क्या खांदी?दुधु-भाती!मैं भी दे…जुठू छकैकू?मेरू!तेरी ब्वै कख?ग्वोठ जायीं.क्या कर्न?दूधु द्धेवणा!ग्वोठ को छ?गाय-बाछी.बाछी कन कदी?म्हाँ कदी!... Read more
सासु बनाए ब्वारी खाए
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पिछली कड़ी- राजा-पीलू की जोड़ी शादी के अगले दिन की सुबह हर नयी बहू के लिए कभी न भुलायी जाने वाली सुबह होती है थोड़ी सी घबराहट, झिझक और नये परिवार की परंपराओं, तौर-तरीकों को समझने की कोशिश के... Read more
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