चन्द्र सिंह राही: पहाड़ के एक अभिभावक की पुण्यतिथि
Posted By: Kafal Treeon:
मंच से वह कभी पहाड़ी बोलने का आग्रह नहीं करते थे बल्कि आदेश के साथ कहते अपुण पहाड़ी में बुल्लान औन चें. जब कोई युवा अपनी बोली में उनसे बात करता तो उनके चेहरे की चमक देखने लायक होती फिर चाहे... Read more
चन्द्र सिंह राही, ग्रामोफोन, कैसेट, सी. डी. दौर की पहली पीढ़ी के गढ़वाली लोकगायकों में से एक थे. उनका जन्म 28 मार्च 1942 को हुआ और 10 जनवरी 2016 को वे इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए.... Read more
इन दिनों एक गढ़वाली गीत पूरे देश में वायरल हो रहा है. इस गढ़वाली गीत पर न जाने कितने वीडियो बन चुके हैं. गीत के शुरुआती बोल हैं ‘फ्वां बाग रे’. वायरल हुआ गीत कुमाऊं के गीतकार पप्पू... Read more
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