डिब्बाबंद मुल्क और बड़ी होती लड़की
करीब ढाई साल गुजरे उस बात को, जब मेरी एक कजिन, जो हमारे ठेठ सामंती, ब्राम्होण परिवार में साफ दिल वाली एक लड़की थी, ने एक बेटी को जन्मत दिया. मैं मुंबई गई थी, तब बिल्कुकल अकेली थी. ननिहाल, ती... Read more
प्रगतिशीलता का दुपट्टा और सुंदरता का कीड़ा
प्रगतिशीलता का दुपट्टा तह करके आलमारी में रख दूं तो इस सुंदरता वाले कीड़े ने मुझे भी कम नहीं काटा. जब तक दुपट्टा ओढ़े रहती, कीड़ा कुछ दूर-दूर से ही मंडराता था. दुपट्टा हटाते ही उसको खुला मैद... Read more
अजनबी भाषा का वह शहर और तीन लड़कियां
हॉस्टल के कमरे में वो तीन लड़कियां साथ रहती थीं. सदफ, शिएन और अपराजिता. सदफ हमेशा चहकती, मटकती सारी दुनिया से बेपरवाह अपनी रंगीन खुशियों में खोयी रहती थी. ज्यादातर समय दोस्तों के साथ घूमत... Read more
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