माँ! मैं बस लिख देना चाहती हूं- तुम्हारे नाम
आज दिसंबर की शुरुआत हो रही है और साल 2025 अपने आखिरी दिनों की तरफ बढ़ रहा है. पेड़ों के पत्तों की एक कहानी पूरी होने को है. पर मैं जो कहानी बताने जा रही हूं. इसकी शुरुआत आज से पाँच साल पहले... Read more
जंगली बेर वाली लड़की ‘शायद’ पुष्पा
मुझे याद है जब मैं सातवीं कक्षा में थी. तब मेरी क्लास में एक लड़की पढ़ती थी. जिसका नाम “शायद” पुष्पा था. मुझे यह बात तो अच्छी तरह से याद है कि मैं सातवीं में ही पढ़ती थी. पर मुझे... Read more
मेरे मोहल्ले की औरतें
मेरे मोहल्ले की औरतें, जो एक दूसरे से काफी अलग है. अलग स्वभाव, कद-भी एकदम अलहदा, अलग-अलग सोच. कुछ जुबान की मीठी कुछ बड़ी चंठ सी. कुछ अपने से अपने तक मतलब रखती हैं और कुछ घर के अंदर बैठ... Read more
चाय की टपरी
दरअसल ये बात है उस शाम की; जब बेचैन मन को शांत करने की कोशिश में मैं वादियों में टहलने निकल गई थी. देहरादून की वादियां, जिसकी हरियाली का समय के साथ कहीं गायब होते जाना बड़े दुख की बात है. खैर... Read more
मामूली सी बात पर माँ मुझ पर क्यों भड़क गयी?
तकरीबन सात साल का हरीश आज सुबह से ही अपनी धुन में इधर-उधर नाचता फिर रहा था. अपनी धुन में मगन हरीश अचानक देखता है कि घर में एक आदमी आया है और दरवाजे पर खड़ा है. पर उस मेहमान को अंदर नहीं बैठा... Read more
सुबह का आना, कभी न ख़त्म होने वाली उम्मीद का आना
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree हर रोज सुबह का होना मेरे लिए एक बहुत बड़ी वजह है कभी खत्म न होने वाली सकारात्मक उम्मीद की. वह उम्मीद जो मुझे पल-पल रोश... Read more
Popular Posts
- जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे
- एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
- तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन
- इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक
- नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !
- खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?
- नेपाल के रहस्यमयी झांकरी : योगी, वैद्य, तांत्रिक या ओझा?
- क्या मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रकृति महत्वपूर्ण है?
- क्या हैं जलवायु शरणार्थी?
- सियार और बाघिन: आदर्श पति की कहानी
- क्या चौड़ी सड़कें हिमालय के लिए बेहतर हैं?
- किन हिन्दू ग्रंथों में आता है कैलाश मानसरोवर का जिक्र?
- अधिकांश पहाड़ी जगहों के नाम में वहां का इतिहास और भूगोल छिपा रहता है
- अजपथों से हिमशिखरों तक : हिमालय प्रेमी घुमक्कड़ों के लिए एक जरूरी किताब
- उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस
- उत्तराखंड में मौजूद अशोक के शिलालेख में क्या लिखा है?
- यारसागुंबा ही नहीं यह हिमालयी जड़ भी बनाती है आपको जवान
- उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ
- जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया
- कैसे बसी पाटलिपुत्र नगरी
- पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद
- चतुर कमला और उसके आलसी पति की कहानी
- माँ! मैं बस लिख देना चाहती हूं- तुम्हारे नाम
- धर्मेन्द्र, मुमताज और उत्तराखंड की ये झील
- घुटनों का दर्द और हिमालय की पुकार
