डाना गैराड़ के कलबिष्ट देवता की शरण में
चरवाहे लोकदेवता कलबिष्ट की शरण में (एक लोक देवता के अंकुरण की पृष्ठभूमि)-बटरोही इतने सालों के बाद क्या उसका यह कायांतरण संभव था? कलबिष्ट की इसी परंपरा के अंश के रूप में आज से चौहत्तर साल पहल... Read more
ऐतिहासिक स्याल्दे बिखौती मेले की तस्वीरें
स्याल्दे बिखौती मेले का आयोजन शुरू हो चुका है. आल, नौज्यूल, गरख धड़े के थोकदार और प्रधान नगाड़े, निशानों, ढाल, तलवारों के साथ वीर रस की हुंकार भरते हुए युद्ध कला की बारीकियां दिखाने को पूरी... Read more
जागर (Jagar) उत्तराखण्ड (Uttarakhand) के गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों में प्रचलित पूजा पद्धतियों (Worship System) में से एक है. पूजा का यह रूप नेपाल के पहाड़ी भागों में भी बहुप्रचलित है. इससे मिलती... Read more
Popular Posts
- हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता
- पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया
- कुमाऊँ की खड़ी होली
- आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव
- फूल, तितली और बचपन
- पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?
- अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की
- धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- कथा दो नंदों की
- इस बदलते मौसम में दो पहाड़ी रेसिपी
- अल्मोड़े की लखौरी मिर्च
- एक गुरु की मूर्खता
- अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं तो जरूर पढ़ें एकलव्य प्रकाशन की किताबें
- प्रेम में ‘अपर्णा’ होना
- यह सिस्टम बचाता है स्विट्ज़रलैंड के पहाड़वासियों को आपदा से
- 10 डिग्री की ठंड में फुटबॉल का जोश : फोटो निबन्ध
- क्या हमें कभी मिलेंगे वो फल जो ट्रेल ने कुमाऊं में खाए?
- प्रबल प्रयास की चाह में सिडकुल और उपजी विषमता
- बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से
- उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास
- उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर
- बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’
- कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?
- कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?
- घमंडी पिता और उसकी सीख

