हैडलाइन्स

शिक्षकों की मांग को लेकर उत्तराखंड के सरकारी स्कूल में बच्चों ने लगाया ताला

उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य का हाल किसी से छुपा नहीं है. हालिया ख़बर पौढ़ी जिले के राजकीय इंटर कालेज बैजरो की है. शिक्षकों की मांग के लिये इस स्कूल के छात्राओं ने स्कूल में अनिश्चितकाल तक ताला बंदी कर दी. जिसके बाद उन्होंने बीईओ को एक ज्ञापन सौंपा और हाथों में पोस्टर लेकर अपने स्कूल के बरामदे में बैठ गये.

बच्चों ने मुख्यमंत्री को लिखकर एक ज्ञापन भी सौंपा. बच्चों का कहना है कि हमारे स्कूल में 275 छात्र हैं जिसके लिये 16 अध्यापक पद सृजित किये गये हैं. वर्तमान में स्कूल में नौ पदों पर ही तैनाती है. इन बच्चों का कहना है कि

हम आर्ट्स के स्टूडेंट हैं. हमारे स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, विज्ञान, संस्कृत जैसे विषयों में प्रवक्ताओं व सहायक अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं. स्कूल में शिक्षक ही नहीं है तो हम खाली स्कूल आकर क्या करें.

मुख्य शिक्षा अधिकारी पौढ़ी का कहना है कि हमें शिक्षकों की कमी की जानकरी है. जिसके बारे में शिक्षा निदेशक से भी बात हुई है. आयोग से जैसे ही शिक्षकों का चयन होगा शिक्षकों की तैनाती कर दी जायेगी.

शिक्षकों की मांग को लेकर सड़कों पर बच्चे

पहाड़ के तमाम स्कूलों के हालत बहुत बुरे हैं. पलायन आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गयी अपनी रिपोर्ट में कहा गया था कि स्वास्थ्य और शिक्षा पलायन के दो मुख्य कारण हैं. इसके बावजूद यह हाल हैं.

जिन बच्चों को कक्षा में होना चाहिये वे बच्चे सड़क पर हैं. क्या 14-15 साल के बच्चों का काम यह रह गया है कि वे सड़क में आकर शिक्षकों की मांग करें?

इन बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि हमने शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ा ज्ञापन प्रशासन को सौंप दिया है जल्द हमारी मांग पूरी न होने पर हम भूख हड़ताल करेंगे.

-काफल ट्री डेस्क

सभी फोटो Asmita Singh की फेसबुक वाल से ली गयी हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

10 hours ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

1 day ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

1 day ago

कुमाऊँ की खड़ी होली

इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी…

1 week ago

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर…

2 weeks ago

फूल, तितली और बचपन

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि…

2 weeks ago